गांधीनगर: गुजरात में कांग्रेस के तीन विधायकों को बुधवार को निलंबित कर दिया गया. कांग्रेस के दो विधायकों को तीन साल के लिए जबकि एक विधायक को एक साल के लिए निलंबित किया गया है. निलंबित किए गए विधायक साबरमती स्थित आसाराम आश्रम में दो बच्चों की मौत के संबंध में चर्चा की मांग कर रहे थे. विधानसभाध्यक्ष राजेंद्र त्रिवेदी ने विधायक प्रताप दुधट और अमरीश डेर को तीन साल के लिए जबकि बलदेव ठाकुर को सदन में अमर्यादित व्यवहार करने के लिए एक साल के लिए निलंबित कर दिया. विधानसभाध्यक्ष के सख्त कदम उठाने पर विपक्षी दल कांग्रेस के सभी विधायकों ने सदन से वॉकआउट कर दिया.

घटना की शुरूआत तब हुई थी जब गुजरात विधानसभा में चर्चा चल रही थी. कांग्रेस के विधायक विक्रम मदाम प्रश्नकाल के बाद एक मुद्दे पर चर्चा कर रहे थे, इसी दौरान अध्यक्ष राजेंद्र त्रिवेदी ने विक्रम मदाम को एक मुद्दे पर चर्चा करने के दौरान अपनी बात रखने से रोक दिया. मदाम ने अपनी बात रखने पर जोर दिया. ठीक इसी समय बीजेपी के सदस्य अमरीश डेर ने अध्यक्ष से मदाम को अपनी बात रखने की अनुमति देने को कहा. अध्यक्ष ने उनके बात करने के लहजे पर आपत्ति जताई. इसके बाद मदाम और देर विरोध के लिए अध्यक्ष के आसन के पास आ गए.

कांग्रेस सदस्यों ने भाजपा के विधायक जगदीश पांचाल पर माइक्रोफोन की छड़ से हमला किया और उन्हें मुक्का भी मारा. इसके बाद सत्तारूढ़ पार्टी के सदस्यों ने विपक्षी पार्टी के अमरीश डेर के साथ मारपीट की. उपमुख्यमंत्री नितिन पटेल ने संवाददाताओं से बातचीत में कहा, “यह शर्मनाक घटना है जो गुजरात विधानसभा में कभी नहीं हुई. सदन में कांग्रेस विधायक विक्रम मदाम, प्रताप दुधट और अंबरीश डेर के कृत्य सीसीटीवी कैमरे में कैद हुए हैं और विधानसभाध्यक्ष से आग्रह करने जा रहे हैं कि वे इसे मीडिया को प्रदान करें”