नई दिल्ली. लोकसभा चुनाव से पहले वित्त मंत्री अरुण जेटली ने बताया है कि देश को कैसा प्रधानमंत्री और किस तरह की सरकार चाहिए. नरेंद्र मोदी सरकार की उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए वित्त मंत्री अरुण जेटली ने मंगलवार को कहा कि भारतीयों को एक निर्णायक नेतृत्व की जरूरत है, ताकि आर्थिक विकास को मदद मिले, ना कि एक ‘अपरिपक्व (मैवरिक) नेतृत्व के साथ कामचलाऊ गठबंधन’ की. उन्होंने कहा कि भारत 7 से 7.5 फीसदी की विकास दर के साथ दुनिया में सबसे तेजी से बढ़ने वाली प्रमुख अर्थव्यवस्था है और सरकार इसे 8 फीसदी से अधिक ले जाने की कोशिश कर रही है. जेटली ने एक फेसबुक पोस्ट में कहा कि यह संकेत है कि आने वाले दशकों में भारतीयों की सामाजिक प्रोफाइल, क्रय-शक्ति और जीवन की गुणवत्ता में किस तरह का सुधार होने जा रहा है. Also Read - International Yoga Day 2021: दुनिया को आज भारत ने दिया M-Yoga App का तोहफा, कई भाषाओं में होगा उपलब्ध

उन्होंने कहा, “यह सुनिश्चित करने के लिए कि यह अनुमान के मुताबिक हो, देश में निर्णायक नेतृत्व की जरूरत है, साथ ही नीति में स्थिरता और एक मजबूत व स्थिर सरकार जरूरी है. अपरिपक्व नेतृत्व के साथ एक कामचलाऊ गठबंधन जिसका ज्यादा दिन चलना संदिग्ध है, वह कभी भी इसे हासिल नहीं कर सकता है.” अपनी पोस्ट ‘राजनीतिक स्थिरता, निर्णायक नेतृत्व और एक स्पष्ट जनादेश-विकास के साथ उनके संबंध’ में जेटली ने कहा कि पांच सालों में देश की ईज ऑफ डूइंग बिजनेस रैंकिंग 142वें से सुधर कर 77वें स्थान पर आ गई है और अब हमारा लक्ष्य इसे शीर्ष 50 में ले जाने का है. कांग्रेस के नेतृत्व वाले विपक्ष के महागठबंधन पर कटाक्ष करते हुए उन्होंने कहा कि उनके गठबंधन के सहयोगियों की आकांक्षाओं से उनके नेतृत्व के हाथ बंधे रहेंगे. Also Read - कोरोना के खिलाफ 1 लाख covid 19 वारियर्स होंगे तैयार, पीएम मोदी ने लॉन्च किया क्रैश कोर्स

वित्त मंत्री ने कहा, “अगर भारत को यह हासिल करना है तो भारत का प्रधानमंत्री कौन होना चाहिए? क्या उसे अपने प्रतिद्वंद्वियों की आकांक्षाओं के आगे विवश होना चाहिए जिन्होंने उसका अनिच्छा से समर्थन किया है, या क्या भारत को स्पष्ट बहुमत वाले प्रधानमंत्री की जरूरत है जैसा कि 2014 में हुआ था? केवल इस प्रकार का प्रधानमंत्री ही विकास प्रदान कर सकता है और देश की आकांक्षाओं को पूरा कर सकता है.” जेटली ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के पांच वर्षों के दौरान औसत जीडीपी विकास दर 7.3 फीसदी रही है, जो उनके पूर्ववर्तियों की तुलना में काफी अधिक है. जेटली ने कहा, “जब प्रधानमंत्री मोदी सत्ता में आए, तो भारत दुनिया में जीडीपी के मामले में 10वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था था. वर्तमान में, पांचवीं, छठी और सातवीं अर्थव्यवस्थाओं यानि ब्रिटेन, फ्रांस और भारत के बीच बहुत ही कम अंतर है. Also Read - PM नरेंद्र मोदी अब भी हैं दुनिया के सबसे अधिक स्वीकार्य नेता, देखें ग्लोबल अप्रूवल रेटिंग में क्या आया सामने