नई दिल्ली: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार के दिन नेशनल मोनेटाइजेशन पाइपलाइन योजना की शुरुआत की. इसके तहत अलग अलग क्षेत्रों के सरकारी संपत्तियों में सरकार हिस्सेदार बेचेगी या फिर संपत्ति को लीज पर देगी. इसके जरिए सरकार 6 लाख करोड़ रुपये जुटाने के लक्ष्य को पूरा करना चाहती है. बता दें कि केंद्रीय मंत्री ने कहा कि लीज पर देने की प्रक्रिया 4 साल की होगी यानी साल 2015 तक यह जारी रहेगी.Also Read - What is Bad Banks? मंत्रिमंडल ने ‘बैड बैंक’ के लिए सरकारी गारंटी के प्रस्ताव को मंजूरी दी, जानिए किसे होगा फायदा

बता दें कि सरकार द्वारा जिन सड़कों, रेलवे स्टेशनों व एयरपोर्ट्स को लीज पर दिया जाएगा. लेकिन इन संपत्तियों का मालिकाना हक सरकार के ही पास रहेगा. उक्त संपत्ति सीमित समय सीमा के लिए लीज पर दी जाएगी. लीज की मियाद पूरी होने पर संपत्ति का मालिकाना सरकार का होगा. बता दें कि जिन सपत्तियों की हिस्सेदारी निजी क्षेत्र को सौंपी जाएगी, उसमें राजस्थान के 14 हाईवे, जोधपुर-उदयपुर के एयरपोर्ट भी शामिल हैं.साथ ही रेलवे में प्राइवेट पार्टनरशिप की साझेदारी से ट्रेन चलाने के लिए देश में 12 क्लस्टरों का चयन किया गया है. इसमें जयपुर भी शामिल हैं. Also Read - Air India Latest News: एयर इंडिया के विनिवेश के लिए वित्तीय बोलियां मिलीं, टाटा संस और उद्योगपति अजय सिंह ने लगाई बोली

इस दौरान भारतनेट की 2.86 लाख किमी लाइन और बीएसएनएल और एमटीएनएल के टावर भी दिए जाएंगे. इसमें बीएसएनएल के ऑफिस भी शामिल किए गए हैं. वहीं सरकार द्वारा संचालित 8 होटलों को भी लज पर दिया जाएगा या फिर सरकार उनमें हिस्सेदारी बेचेगी. जानकारी के मुताबिक उत्तर भारत की 29, दक्षिण भारत की 28, परब की 22 और पश्चिमी भारत की 25 सड़कों को सरकार लीज पर देगी जो पब्लिक प्राइवेट पार्टनिशप के मॉडल पर संचालित की जाएंगी. Also Read - Indian Railways/IRCTC: ओडिशा में बेपटरी हुई मालगाड़ी, नौ डिब्बे पलट गए, इस रूट की 12 ट्रेनें रद्द, देखें List

साथ ही निर्मला सीतारमण ने कहा कि 1.52 लाख करोड़ रुपये में रेलवे में भी सरकार हिस्सेदारी बेचकर फंड इकट्ठा करेगी. इसके तहत 400 रेलवे स्टेशन व 90 पैसेंजर ट्रेन, 1400 किमी का ट्रैक लीज पर दिया जाएगा. साथ ही 265 गुड्स शेड, 673 किमी डीएफसी भी निजी हाथों में लीज पर दिया जाएगा.