नई दिल्लीः वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पंजाब और महाराष्ट्र ओ-ऑपरेटिव (PMC) घोटाले को लेकर प्रेस कॉंफ्रेंस की और कहा कि इस मामले से सरकार का का कोई लेना देना नहीं है. उन्होंने कहा कि पंजाब और महाराष्ट्र को-ऑपरेटिव बैंक भारतीय रिजर्व बैंक के अंडर में आता हैं और इस मामले की पूरी निगरानी आरबीआई ही कर रहा है.

वित्त मंत्री ने महाराष्ट्र बीजीपी कार्यालय में आयोजिक संवादाता सम्मेलन में कहा कि इस घोटाले में जो भी पीडित हैं उनसे बात हुई है और जल्द ही कोई न कोई समाधान निकाला जाएगा. उन्होंने कहा कि इस मामले में दूसरे मंत्रालयों से भी बात की जाएगी. सीतारमण ने कहा कि इस मामले को लेकर आज शाम RBI गवर्नर के साथ बैठक है. जरूरत पड़ने पर संसद के शीतकालीन सत्र में को-ऑपरेटिव बैंक के नियमों में बदलाव कर सकते हैं.

पीएमसी घोटाला: RBI ने दी राहत, अब खाताधारक 25,000 रुपये तक की कर सकेंगे निकासी

इससे पहले आरबीआई (RBI) ने 24 सिंतबंर को जारी किए आदेश में पीएमसी बैंक पर छह महीने के लिए रोक लगा दी थी. उस समय रिजर्व बैंक ने पीएमसी बैंक के खाताधारकों के लिये निकासी की सीमा 1,000 रुपये तय की थी. इसके अलावा इस अवधि में बैंक द्वारा नया कर्ज देने पर भी रोक लगाई गई थी. आपको बता दें कि जमाकर्ताओं ने इस मामले में दिल्ली की अदालत के बाहर प्रदर्शन किया था और दोषियों के खिलाफ इस कड़ी कार्रवाई करने की मांग की थी.

इंदिरा गांधी और राजीव गांधी को भी चुनौती मिली थी, लेकिन राहुल के नेतृत्व को कभी चुनौती नहीं मिलीः भूपेश बघेल

4,355 करोड़ रुपये के इस मामले में अदालत ने बैंक के पूर्व अध्यक्ष और एचडीआईएल के दो निदेशकों की पुलिस हिरासत को 14 अक्टूबर तक बढ़ा दिया है. आपको बता दें कि वित्त मंत्री आज मुंबई में बीजेपी के दफ्तर आईं थी और उनकों देखते ही पीड़ित खाताधारकों ने हंगामा शुरू कर दिया. लोगों ने इतना हंगामा किया कि पुलिस को बीच में आना पड़ा