नई दिल्ली: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि अगर वह बिना पंजीकरण वाले ‘प्रधानमंत्री राहत कोष’ पर जवाब नहीं दे सकती तो फिर उसे ‘पीएम केयर्स’ कोष पर सवाल करने का कोई अधिकार नहीं है. उन्होंने लोकसभा में कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी पर वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर को ‘हिमाचल का ………’ कहे जाने को लेकर को भी पलटवार किया और कहा कि चौधरी को अपने शब्द को हटाने (रिकार्ड से हटाने) के लिये आसन से आग्रह करना चाहिए. सीतारमण ने कहा कि कोविड संकट के कारण हमें अध्यादेश लाना पड़ा. कोविड के समय ‘‘टैक्स फाइलिंग’’ करना मुश्किल था. कानूनी आवश्यकता थी. जनता को तुरंत राहत देनी थी. ऐसे में यह अध्यादेश लाया गया. Also Read - कृषि कानूनों के खिलाफ विधेयक लाएगी राजस्थान सरकार: कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल

उन्होंने कहा कि अध्यादेश लाया गया ताकि कर जमा करने में देरी पर जुर्माना नहीं लगे क्योंकि पहले के अधिनियम में जुर्माने की व्यवस्था थी. सीतारमण ने कहा कि राजस्व सेवा के अधिकारी जान खतरे में डालकर काम कर रहे हैं और किसी एक मामले को लेकर सभी के बारे में एक राय नहीं बनाई जा सकती. उन्होंने कहा कि सरकार की पूरी कोशिश है कि कर प्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित हो. वित्त मंत्री ने कहा कि यह गलतफहमी है कि एशियन इंफ्रास्टक्चर डेवलपमेंट बैंक चीनी है. इसमें हमारी भी हिस्सेदारी है. इस गलतफहमी को निकालिए. Also Read - भाजपा का बड़ा आरोप, कांग्रेस ने जमात-ए-इस्लामी, पीएफआई जैसे संगठनों से समझौते किए

सीतारमण ने कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी की ओर से अनुराग ठाकुर पर निशाना साधे जाने को लेकर पलटवार करते हुए कहा कि अनुराग ठाकुर युवा दिख सकते हैं, लेकिन वह एक अनुभवी सांसद हैं. उन्होंने यहां तक आने के लिए बहुत मेहनत की है. वह सांसद हैं और मंत्री हैं, उन्हें यह ‘शब्द’ कहकर कमतर मत दिखाइए. उन्होंने कहा कि आपको (अधीर) अपने शब्द को हटाने (रिकार्ड से हटाने) के लिये आसन से आग्रह करना चाहिए. Also Read - शिवराज चौहान ने पूछा- क्या राहुल गांधी की कांग्रेस अलग है और कमलनाथ की कांग्रेस अलग?

गौरतलब है कि शुक्रवार को कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने गांधी नेहरू परिवार को लेकर वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर की एक टिप्पणी पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा था कि ये (हिमाचल के ……) ने सदन का माहौल खराब कर दिया . शनिवार को कराधान और अन्य विधियां (कतिपय उपबंधों का संशोधन एवं छूट) अध्यादेश 2020 पर चर्चा के दौरान हस्तक्षेप करते हुए अनुराग ठाकुर ने कहा कि उन्हें इस बात पर गर्व है कि वे वीर हिमाचल से आते हैं जहां से कई वीरों को परवीर चक्र मिला है. उन्होंने चौधरी को संबोधित करते हुए कहा कि आप हमेशा ऐसी बातें करते रहते हैं और अब मैं आपसे माफी मांगने के लिये भी नहीं कहूंगा.

इस पर अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि उनका यह आशय नहीं था और हमने कभी उनका अपमान नहीं करना चाहा है. उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने 1964 में सदन में जवाहर लाल नेहरू की प्रशंसा की थी. ऐसे में नेहरू जी के बारे में अनुराग ठाकुर का इस तरह की बात करना नेहरू और वाजपेयी दोनों का अपमान है. बहरहाल, वित्त मंत्री सीतारमण ने कहा कि कांग्रेस नेता को वित्त राज्य मंत्री के सवालों के जवाब देना चाहिए था. उन्होंने कहा कि विपक्षी सदस्यों से कहना चाहती हूं कि पारदर्शिता अपने घर से शुरू करिए और अपनी परमार्थ संगठनों में पारदर्शिता लाइए.

सीतारमण ने कहा कि पीएम केयर्स पंजीकृत है, लेकिन प्रधानमंत्री राहत कोष पंजीकृत नहीं है. उन्होंने कहा कि अगर आप अनुराग ठाकुर के सवालों के जवाब नहीं दे सकते तो आपको पीएम केयर्स को लेकर प्रश्न पूछने का अधिकार नहीं है. वित्त् मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री राहत कोष और पीएम केयर्स कोष दोनों पर आरटीआई लागू नहीं होता, लेकिन आप सिर्फ पीएम केयर्स की बात करते हैं.

(इनपुट भाषा)