नई दिल्ली: वित्त सचिव हसमुख अधिया इस महीने के आखिर में सेवानिवृत हो रहे हैं. वित्त मंत्री अरुण जेटली ने उनकी सराहना करते हुये देश में माल एवं सेवाकर (जीएसटी) व्यवस्था को लागू करने में उनके योगदान को सराहा है. जेटली ने उन्हें एक बेहतर नौकरशाह बताया जो अपने काम को पूरी लगन और पेशेवर ढंग से करते हैं.

फेसबुक पर ‘डा. हसमुख अधिया रिटायर्स’ शीर्षक से लिखे पोस्ट में जेटली ने कहा है, ‘‘वह निश्चित रूप से एक सक्षम, अनुशासित, व्यावहारिक जनसेवक और बेदाग छवि के अधिकारी हैं.’’ जेटली ने कहा कि सरकार निर्वतमान वित्त सचिव की क्षमता और उनके अनुभव का किसी अन्य तरह से इस्तेमाल करना चाहती है. वित्त मंत्री ने कहा, ‘‘अधिया ने इस साल की शुरुआत में मुझे सूचित कर दिया था कि 30 नवंबर 2018 के बाद वह एक दिन भी काम नहीं करेंगे. सेवानिवृति के बाद उनका पूरा समय उनके पसंदीदा क्षेत्र और उनके बेटे के लिये होगा.’’

ड्यूटी से इतर यदि उनका कोई दूसरा काम रहा है तो वह ध्यान और योग में उनकी रूचि है. भारतीय प्रशासनिक सेवा के गुजरात कैडर के 1981 बैच के अधिकारी अधिया केन्द्र में नरेन्द्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद नवंबर 2014 में दिल्ली आये थे. उनकी नियुक्ति वित्तीय सेवाओं के विभाग में सचिव के तौर पर हुई थी.

अधिया ने इसके बाद कई ट्वीट कर मार्गदर्शन के लिये मोदी और जेटली का धन्यवाद किया. उन्होंने अपने साथ काम करने वाले अधिकारियों और स्टाफ के लोगों के प्रति भी आभार व्यक्त किया. अधिया ने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और वित्त मंत्री अरुण जेटली के नेतृत्व और मार्गदर्शन में वित्त मंत्रालय में चार साल तक काम करने पर मैं काफी गौरवान्वित महसूस कर रहा हूं. मैं 30 नवंबर को इस भावना के साथ सेवानिवृत हो रहा हूं कि मैंने देश के लिये जो कुछ किया, उस पर मुझे संतोष है. मैं अपने साथ काम करने वाले सभी अधिकारियों और स्टाफ का आभारी हूं.’’

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जेटली ने देश में जीएसटी लागू करने का श्रेय भी अधिया और उनकी टीम को दिया. उन्होंने कहा, ‘‘यह उनकी मेहनत और केन्द्र तथा राज्यों के उनके अधिकारियों की टीम के प्रयासों का ही परिणाम है कि हम एक जुलाई 2017 से जीएसटी को लागू कर पाये. जीएसटी दर में कटौती और रिकॉर्ड समय के भीतर उसकी खामियों को दूर किया गया.’’ अधिया ने उनके योगदान को सार्वजनिक तौर पर स्वीकार करने के लिये वित्त मंत्री का धन्यवाद किया. उन्होंने एक अन्य ट्वीट में कहा, ‘‘मुझे मार्गदर्शन देने के लिये मैं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का विशेष तौर पर धन्यवाद करता हूं और मेरे योगदान को सार्वजनिक तौर पर स्वीकार करने के लिये वित्त मंत्री अरुण जेटली का भी आभार व्यक्त करता हूं.’’

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जेटली ने कहा कि राजस्व सचिव के तौर पर अधिया के कार्यकाल को कई पहलों के लिये याद किया जायेगा. उनके कार्यकाल में कर आधार और कर प्राप्ति में “अभूतपूर्व वृद्धि” दर्ज की गई. उनके कार्यकाल में जीएसटी के अलावा कालेधन को निकालने के लिये कई अन्य कानूनों को लागू किया गया. उनके राजस्व सचिव रहते आयकर विभाग के अधिकारियों का करदाताओं के साथ आमना सामना करीब करीब समाप्त हो गया. अब आयकर विभाग ऑनलाइन काम करता है. वह मोदी सरकार के सामाजिक क्षेत्र के विभिन्न कार्यक्रमों को तैयार करने में भी शामिल रहे.

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अधिया को केन्द्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड और केन्द्रीय अप्रत्यक्ष एवं सीमा शुल्क बोर्ड दोनों का समर्थन मिला. नोटबंदी के बाद बड़ी मात्रा में नकदी जमा कराने वालों का पता लगाना और उन्हें जवाबदेह बनाना चुनौतीपूण कार्य रहा है. जेटली ने अपने संदेश में कहा, ‘‘मैं सेवानिवृति के बाद उनके बेहतर जीवन की कामना करता हूं. धन्यवाद, डा. अधिया.’’