भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने बताया है कि 1 जून को मानसून पहली बार भारत के दक्षिण तटीय इलाकों से टकराएगा. इस साल मानसून तय समय से पहले ही बताया जा रहा है. मानसून पूरी तेजी से केरल की तरफ बढ़ रहा है. 30 मई तक मानसून के केरल तट से टकराने की उम्मीद है.

जून से शुरू होकर सितंबर तक पूरा देश मानसून की ठंडी फुहारों का गवाह बनेगा. देश में साल भर होने वाली कुल बारिश में 70% हिस्सेदारी सिर्फ मानसून की होती है.

दिल्ली-NCR समेत उत्तर-पश्चिम भारत में मौसम रहेगा सुहाना

मौसम विभाग के डायरेक्टर चरण सिंह के मुताबिक दिल्ली-एनसीआर समेत उत्तर-पश्चिम भारत में अगले पांच-छह दिनों तक हीटवेव (लू) से लोगों को पूरी तरह से निजात मिली रहेगी. अरब सागर से आ रही नम हवाओं का असर बना रहेगा और इस वजह से दिन के तापमान ज्यादातर जगहों पर 40 डिग्री सेल्सियस से नीचे बने रहेंगे.

जहां एक तरफ उत्तर भारत में मौसम में बदलाव देखा जा रहा है तो वहीं दूसरी तरफ बंगाल की खाड़ी में मानसून और आगे बढ़कर खाड़ी में मजबूत उपस्थिति दर्ज करा चुका है.

इन राज्यों में 15 जून तक पहुंचेगा मानसून 
देश के प्रमुख राज्य जैसे मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और बिहार तक पहुंचने में मानसून को 15 जून तक का वक्त लगेगा. यूपी में हालांकि पूर्वी इलाके ही मानसून का गवाह बनेगा. जबकि मध्य प्रदेश और बिहार के अधिकतर हिस्से बारिश से भीग चुके होंगे. गुजरात को भी 15 जून के आस-पास मानसून छू लेगा.

10 जुलाई तक देश में मानसून का पहरा
1 जुलाई से 10 जुलाई तक पूरा देश मानसून के बादलों के घिरा होगा. कश्मीर से कन्याकुमारी तक भारत के सभी हिस्से इसके गवाह बनेंगे. हिमालय के पहाड़ी इलाकों से लेकर उत्तर पूर्व और दक्षिणी तटीय इलाकों में भी बारिश होगी.