नई दिल्ली। पीएनबी घोटाला सामने आने के बाद बैंक घोटालों के खुलासे का सिलसिला जारी है. अब सीबीआई ने हैदराबाद स्थित एक निर्माण और आधारभूत संरचना कंपनी के खिलाफ आठ बैंकों के संघ से 1,394 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के संबंध में मामला दर्ज किया है. कई प्रमुख आधारभूत संरचना कंपनियों के लिए उप- ठेकेदार के तौर पर काम करने वाली टोटम इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड और उसके प्रमोटर टोटमपुदी सलालिथ और टोटमपुदी कविता को सीबीआई की एफआईआर में नामजद किया गया है. आठ बैंकों में से एक यूनियन बैंक ऑफ इंडिया की तरफ से दी गई शिकायत के बाद यह मामला दर्ज किया गया है. Also Read - CBI ने तबलीगी जमात के नकदी लेन-देन और विदेशी चंदे की प्रारंभिक जांच शुरू की

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आयकर विभाग द्वारा 2015 में जारी सबसे बड़े टैक्स डिफाल्टरों की सूची में कंपनी का नाम शामिल था और उस पर करीब 400 करोड़ रुपये का टैक्स बकाया था. आयकर विभाग ने 2015 में कंपनी का सुराग देने वाले के लिए 15 लाख रुपये के इनाम की घोषणा करते हुए इसे और अन्य डिफाल्टरों को लापता करार दिया था. अधिकारियों ने कहा कि बैंक ने प्रमोटरों के लापता होने का भी आरोप लगाया था लेकिन जांच एजेंसी ने उनके नये रिहाइशी ठिकाने पर पता लगाया और आज वहां तलाशी भी ली.

उन्होंने कहा कि सीबीआई ने प्रमोटरों को देश छोड़कर जाने से रोकने और उनकी गतिविधियों पर नजर रखने के लिए लुक आउट सर्कुलर भी जारी किया है. बैंक ने आरोप लगाया कि उसे 313.84 करोड़ रुपये का घाटा हुआ क्योंकि कंपनी को दिया गया कर्ज जून 2012 में एनपीए हो गया. उन्होंने कहा कि बैंकों के संघ की तरफ उनकी कुल देनदारी 1394.43 करोड़ रुपये की है. आरोप लगाया गया कि प्रमोटर ने जिन परियोजनाओं के लिए कर्ज लिया था उनके बजाए दूसरे कामों और प्रमोटरों के व्यक्तिगत खातों में जमा करने के लिये इसका इस्तेमाल किया.

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बता दें कि एक दिन पहले ही सीबीआई ने कनिष्क गोल्ड प्राइवेट लिमिटेड के प्रमोटरों और निदेशकों के खिलाफ लुक आउट नोटिस जारी किया ताकि उन्हें देश छोड़ने से रोका जा सके. ये सभी 824 करोड़ रुपये के कर्ज धोखाधड़ी मामले में आरोपी हैं. सीबीआई ने भारतीय स्टेट बैंक के नेतृत्व वाले 14 बैंकों के संघ से 824.15 करोड़ रुपये के कर्ज धोखाधड़ी के सिलसिले बुधवार को तलाशी भी ली. सीबीआई ने कनिष्क गोल्ड प्राइवेट लिमिटेड, इसके प्रमोटर निदेशक भूपेश कुमार जैन, निदेशक नीता जैन, तेजराज अच्छा, अजय कुमार जैन और सुमित केडिया के अलावा अज्ञात लोक सेवकों के खिलाफ मामला दर्ज किया है.

बताया जा रहा है कि सभी देश छोड़कर फरार हो गए हैं. इससे पहले 12700 करोड़ रुपये के पीएनबी घोटाले के आरोपी नीरव मोदी और मेहुल चोकसी भी देश छोड़कर भाग चुके हैं. सीबीआई और ईडी के सम्मन के बावजूद दोनों ने बहानेबाजी करते हुए जांच में शामिल होने से इंकार कर दिया है.

(भाषा इनपुट)