नई दिल्‍ली: पश्चिम बंगाल भाजपा के अध्यक्ष दिलीप घोष के बीते 12 जनवरी को दिए गए एक विवादित बयान को लेकर उनके खिलाफ एफआई दर्ज कराई गई है. टीएमसी नेता कृष्‍णेंद्रु बनर्जी ने नदिया में बीजेपी प्रदेश अध्‍यक्ष घोष के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है. इस एफआईआर में उनके इस बयान, ” यूपी, असम और कर्नाटक में हमारी सरकार ने इन लोगों (जो लोग सीएए के विरोध में पब्लिक प्रॉपर्टी को नुकसान पहुंचा रहे थे) को कुत्‍तों की तरह गोली मारी. Also Read - Who Is Paayel Sarkar: कौन हैं पायल सरकार? जिन्होंन आज थाम लिया भाजपा का दामन

बता दें कि घोष ने रविवार को नादिया जिले में एक जनसभा को संबोधित करते हुए दिसंबर में राज्य में नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों पर गोली चलाने तथा लाठीचार्ज का आदेश नहीं देने के लिए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की आलोचना की थी. Also Read - Lokkho Sonar Bangla Campaign LIVE: WB Election में BJP ने झोंकी पूरी ताकत, JP Nadda ने लॉन्च किया सोनार बांग्ला

उन्होंने कहा था, ”दीदी की पुलिस ने उन लोगों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की, जिन्होंने सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाया क्योंकि वे उनके मतदाता थे. उत्तर प्रदेश, असम और कर्नाटक में हमारी सरकारों ने इन लोगों को कुत्तों की तरह गोली चलाकर मार दिया.” Also Read - WB Assembly Election: बंगाल चुनाव में एक और क्रिकेटर की एंट्री, मनोज तिवारी गए TMC में, तो अशोक डिंडा बने भाजपाई

घोष ने रविवार को नादिया जिले में एक जनसभा को संबोधित करते हुए दिसंबर में राज्य में नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों पर गोली चलाने तथा लाठीचार्ज का आदेश नहीं देने के लिए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की आलोचना की थी.

बीजेपी प्रदेश अध्‍यक्ष ने कहा था, ”दीदी की पुलिस ने उन लोगों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की जिन्होंने सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाया क्योंकि वे उनके मतदाता थे. उत्तर प्रदेश, असम और कर्नाटक में हमारी सरकारों ने इन लोगों को कुत्तों की तरह गोली चलाकर मार दिया.”

बीजेपी ने हालांकि, उनके इस बयान से किनारा कर लिया था. केंद्रीय मंत्री बाबुल सुप्रियो ने घोष के बयान को ‘गैरजिम्मेदाराना’ करार दिया था. उन्होंने ट्वीट किया था, पार्टी के नाते भाजपा का उससे कुछ लेना देना नहीं है जो दिलीप घोष ने अपनी कल्पना के अनुरूप कहा होगा. उत्तर प्रदेश और असम में भाजपा सरकारों ने कभी भी लोगों पर गोलियां नहीं चलाईं, कारण जो भी रहा हो. दिलीप दा ने जो कहा, वो बहुत गैरजिम्मेदाराना है.

बता दें घोष ने सीएए विरोधी हिंसक प्रदर्शनकारियों पर पुलिस की गोलीबारी की घटनाओं के लिए उत्तर प्रदेश, असम और कर्नाटक की भाजपा सरकारों का बचाव किया था और कहा था कि उन्होंने सही किया. भाजपा नेता ने कहा था कि आगजनी और तोड़फोड़ में शामिल लोगों को उत्तर प्रदेश की तरह गोली मार देनी चाहिए. उन्होंने कहा था, वे यहां आते हैं, सारी सुविधाओं का फायदा उठाते हैं और देश की संपत्ति को नुकसान पहुंचाते हैं. क्या यह उनकी जमींदारी है? घोष ने मांग की कि हिंदू बंगालियों के हितों को नुकसान पहुंचा रहे लोगों को पहचानना होगा.

घोष ने सीएए विरोधी हिंसक प्रदर्शनकारियों पर पुलिस की गोलीबारी की घटनाओं के लिए उत्तर प्रदेश, असम और कर्नाटक की भाजपा सरकारों का बचाव किया था और कहा था कि उन्होंने सही किया. भाजपा नेता ने कहा था कि आगजनी और तोड़फोड़ में शामिल लोगों को उत्तर प्रदेश की तरह गोली मार देनी चाहिए.

बीजेपी प्रदेश अध्‍यक्ष ने कहा था, वे यहां आते हैं, सारी सुविधाओं का फायदा उठाते हैं और देश की संपत्ति को नुकसान पहुंचाते हैं. क्या यह उनकी जमींदारी है? घोष ने मांग की कि हिंदू बंगालियों के हितों को नुकसान पहुंचा रहे लोगों को पहचानना होगा. (इनपुट: एजेंसी)