नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस ने महामारी अधिनियम की धारा-3 का उल्लंघन करने पर दिल्ली के चार जिम संचालकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। यह सभी जिम पश्चिमी जिले में हैं. जिला पुलिस उपायुक्त दीपक पुरोहित ने रविवार को इसकी पुष्टि की है. डीसीपी के मुताबिक जिन जिम वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है, उनका नाम मादीपुर स्थित एक्जिएम, मोतीनगर स्थित 6पैक लैब और व्यायामशाला तथा मानसरोवर गार्डन स्थित मल्टी जिम है. इन सभी के खिलाफ महामारी अधिनियम के खिलाफ क्रमश: थाना पंजाबी बाग, मोती नगर और कीर्ति नगर में एफआईआर दर्ज की गई है. Also Read - लॉकडाउन: दिल्ली में बिना राशन कार्ड वालों को भी मिलेगा 5 किलो राशन, केजरीवाल सरकार का बड़ा फैसला

पश्चिमी जिला डीसीपी दीपक पुरोहित ने आगे कहा, “दर्ज की गई एफआईआर के मामले में दो लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है. बाकी फरार आरोपियों की तलाश में छापे मारे जा रहे हैं. गिरफ्तार हुए दोनों जिम मालिक का नाम कन्हैया लाल और विशाल है. गिरफ्तार हुए दोनों जिम मालिक मादीपुर, पंजाबी बाग इलाके के रहने वाले हैं.” दिल्ली पुलिस के मुताबिक, जिन जिम मालिकों के खिलाफ महामारी अधिनियम के तहत यह कठोर कानूनी कार्यवाही की गई है वे सब खुलेआम कानून की धज्जियां उड़ा रहे थे. उल्लेखनीय है कि दिल्ली सरकार ने कोरोना महामारी की रोकथाम के मद्देनजर राष्ट्रीय राजधानी में 16 मार्च, 2020 को एक विशेष आदेश जारी किया था. Also Read - Coronavirus: दिल्‍ली में अब तक कुल 384 लोग संक्रमित, 24 घंटे में 91 केस बढ़े

इस आदेश में सरकार ने साफ तौर पर कहा था कि कोरोना की रोकथाम के लिए यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू माना जाए. इस आदेश के तहत राजधानी के सभी स्पा सेंटर और जिम को 31 मार्च 2020 तक बंद रखने को कहा गया था. जिन चार जिम वालों के खिलाफ कार्यवाही की गयी है, वे सभी इसी आदेश का मजाक उड़ाते पाए गए हैं. जबकि कहा गया था कि जो भी आदेशों का उल्लंघन करते हुए पाया जायेगा, उसके खिलाफ आईपीसी की धारा 188/269 आईपीसी और 3 एपीडमिक डिसीजेज एक्ट 1897 के तहत कठोर कार्यवाही की जायेगी. गिरफ्तार किए गए और फरार आरोपियों के खिलाफ दिल्ली पुलिस ने इसी कानून/धाराओं के तहत 21 मार्च, 2020 को अलग-अलग थानों में मामले दर्ज किए हैं. Also Read - 14 राज्यों में अब तक तबलीगी जमात के 647 लोग कोरोना वायरस से संक्रमित पाए गए: Health Ministry

उल्लेखनीय है कि इससे पहले महामारी अधिनियम के तहत एक मामला आगरा में, दूसरा देहरादून में दर्ज हुआ था. दिल्ली में महामारी अधिनियम के तहत दर्ज यह चारों मामले पहले हैं.