जामताड़ा: झारखंड मुक्ति मोर्चा के कार्यकारी अध्यक्ष हेमंत सोरेन की जाति को लेकर कथित रूप से आपत्तिजनक बयान देने के मामले में कार्यवाहक मुख्यमंत्री रघुबर दास के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गयी है. जामताड़ा के पुलिस अधीक्षक अंशुमान कुमार ने बताया कि सोरेन द्वारा 19 दिसंबर को दर्ज शिकायत के आधार पर उप-संभागीय पुलिस अधिकारी अरविंद उपाध्याय ने मामले में प्रारंभिक जांच की और फिर मिहिजाम थाने में प्राथमिकी दर्ज की गयी.

एसपी के अनुसार, सोरेन ने दुमका थाने में दास के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी और उन पर जामताड़ा में एक चुनावी सभा में उनकी जाति पर आपत्तिजनक बयान देने का आरोप लगाया था. सोरेन ने संवाददाताओं से कहा था, ‘‘उनके शब्दों से मेरी भावनाएं और सम्मान आहत हुआ. क्या आदिवासी परिवार में जन्म लेना अपराध है?’’

सरना क्या है? झारखंड में क्यों उठ रही नए धर्म की मांग

वहीं आदिवासी बहुल सूबा झारखंड में समुदाय के लोग जनगणना में सरना कोड की मांग काफी समय से कर रहे हैं, लेकिन अब इस मांग ने जोर पकड़ लिया है. झारखंड की नई सरकार में शामिल होने जा रहे झाविमो (झारखंड विकास मोर्चा) ने इसे अपने घोषणा पत्र में भी शामिल किया है. ऐसे में प्रदेश में बनने जा रही नई सरकार में सरना कोड को लेकर क्या रवैया रहता है यह आने वाले दिनों में देखने वाली बात होगी और इसी से तय होगा कि देश में ‘सरना’ एक नए धर्म के रूप में सामने आएगा या नहीं.