कोलकाता: एक सरकारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल की डिस्पेंसरी में बुधवार को आग लग गई जिसके बाद करीब 250 मरीजों को अस्पताल परिसर से बाहर निकाला गया. दमकल अधिकारियों ने यह जानकारी दी. अधिकारियों ने बताया कि भूतल पर स्थित डिस्पेंसरी में सुबह आठ बजे लगी इस आग में कोई हताहत नहीं हुआ. आग पर काबू पाने के लिए दमकल की 10 गाड़ियों को घटनास्थल पर भेजा गया. बाहर निकाले गए कुछ मरीजों को दूसरे सरकारी अस्पतालों में ट्रांसफर कर दिया गया.

आम बोलचाल में कलकत्ता मेडिकल कॉलेज के नाम से जाने-जाने वाले इस मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल की स्थापना 1835 में की गई थी और वह पुडुचेरी के इकोल डि मेडिसीन के बाद भारत का दूसरा सबसे पुराना मेडिकल कॉलेज है. अस्पताल की मुख्य इमारत के भूतल से धुएं का गुबार निकलते हुए देखा गया. डिस्पेंसरी भूतल पर ही स्थित है. डिस्पेंसरी में रखी गई सारी दवाएं जलकर खाक हो गईं.

दमकल विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि आग पर काबू पा लिया गया है. अधिकारी ने कहा, “दवा काउंटर पर सुबह करीब आठ बजे आग लगी. क्योंकि यह एक बहुत बड़ा अस्पताल है और हर दिन यहां बड़ी संख्या में मरीज आते हैं, हम किसी तरह का खतरा नहीं मोल लेना चाहते. कोलकाता पुलिस की आपदा प्रबंधन की एक टीम, दमकल अधिकारी और वरिष्ठ अधिकारी घटनास्थल पर मौजूद हैं. महापौर सोभन चट्टोपाध्याय ने कहा, ‘‘मुझे बताया गया कि मरीजों को बाहर निकाल लिया गया है. हम घटना के कारणों का पता लगा रहे हैं.’