बेंगलुरु: बेंगलुरु के येलहंका में 370 मेगावाट गैस बेस्ड कंबाइंड साइकल पावर प्लांट में हुई हीट ब्लास्ट के बाद आग लगने की घटना में दो इंजीनियरों में से गंभीर रूप से घायल एक इंजीनियर की मौत हो गई. पुलिस के अनुसार, मृतक की पहचान जनरल इलेक्ट्रिक के बालाजी मुरुगन के रूप में हुई थी. उन्हें शहर के विक्टोरिया अस्पताल के बर्न वार्ड में भर्ती कराया गया था और सोमवार रात उनकी मौत हो गई. Also Read - Mumbai City Center Mall Fire: 56 घंटों तक धू-धू कर जलता रहा सिटी सेंटर मॉल, भारी मशक्कत के बाद आग पर पाया गया काबू

गौरतलब है कि कर्नाटक पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड के 370 मेगावाट गैस पावर प्लांट में काम करने वाले कम से कम 15 कर्मचारी 2 अक्टूबर के दिन हुए हादसे में घायल हो गए थे. केपीसीएल ने दावा किया था कि प्रारंभिक जांच के दौरान, यह संदेह था कि तेल रिसाव से आग लग सकती है. बयान में कहा गया, “घटना के सही कारण का पता लगाने के लिए मूल कारण का विश्लेषण किया जा रहा है. येलहंका में कंबाइंड साइकल गैस पावर प्लांट निमार्णाधीन और कमीशनिंग चरण में है. निर्माण भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (भेल) द्वारा किया जा रहा है.” Also Read - मुंबई के मॉल में लगी भीषण आग, दमकल की दस गाड़ियां घटना स्थल पर पहंची, कोई हताहत नहीं

वहीं, कर्नाटक राज्य के अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवा निदेशक के. शिव कुमार ने कहा था कि येलहंका में केपीसीएल के कंबाइंड साइकल पावर प्लांट (370 मेगावाट) में हीट ब्लास्ट उस समय हुआ था, जब इंजीनियर गैस टरबाइन चैम्बर में परीक्षण कर रहे थे. Also Read - Fire Broke Out: कोलकाता की पांच मंजिला इमारत में लगी आग, 12 वर्षीय बच्चे सहित दो लोगों की मौत

उन्होंने कहा, “संयंत्र को दिसंबर में अपने संचालन को चालू करना था. पूरे दिन उन्होंने परीक्षण किया था. लेकिन जब वे परीक्षण कर रहे थे, तो दबाव में भिन्नता देखी गई थी. गेल इंडिया लिमिटेड द्वारा इस संयंत्र को प्राकृतिक गैस की आपूर्ति की जाती है. यह घटना तब हुई जब केपीसीएल के इंजीनियर टरबाइन का परीक्षण करने के लिए कई जांच कर रहे थे.”