Firing In Nagaland: नगालैंड के मोन जिले से एक बड़ी घटना सामने आई है, जहां शनिवार की रात सुरक्षाबलों द्वारा की गई फायरिंग में अबतक 13 से ज्यादा लोगों की मौत की घटना सामने आई है जिसके बाद बड़ा बवाल मचा हुआ है. आक्रोशित ग्रामीणों ने सुरक्षाबलों की गाड़ी में आग लगा दी है. पूरे इलाके में तनाव व्याप्त है. जानकारी के मुताबिक मोन जिले में सुरक्षाबलों की ओर से की गई फायरिंग में अबतक 13 से ज्यादा आम लोगों की मौत होने की सूचना मिलते ही ओटिंग इलाके में शनिवार शाम से ही तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है. फायरिंग की इस हैरत अंगेज घटना को लेकर ग्रामीणों में गहरा आक्रोश व्याप्त है.Also Read - पश्चिमी मोर्चे पर पड़ोसी पाकिस्‍तान के मंसूबे उजागर, उत्‍तरी में चीन के लिए हमने मजबूत तैयारी की है: आर्मी चीफ

असम राइफल्स के अधिकारी ने कहा कि उग्रवादियों के संभावित आंदोलन की विश्वसनीय खुफिया जानकारी के आधार पर, तिरु, सोम जिला, #नागालैंड में एक विशेष अभियान की योजना बनाई गई थी. उच्चतम स्तर पर कोर्ट ऑफ इंक्वायरी द्वारा जान गंवाने के कारणों की जांच की जा रही है और उचित कार्रवाई की जाएगी. Also Read - Delhi Covid-19 Update: भाजपा मुख्यालय में 42 सदस्य कोरोना संक्रमित मिले, कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग शुरू

घटना पर गृहमंत्री अमित शाह ने सख्त रुख दिखाते हुए कहा है कि “नागालैंड के ओटिंग में दुर्भाग्यपूर्ण घटना से दुखी हूं. मैं उन लोगों के परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं जिन्होंने अपनी जान गंवाई है. राज्य सरकार द्वारा गठित एक उच्च स्तरीय एसआईटी शोक संतप्त परिवारों को न्याय सुनिश्चित करने के लिए इस घटना की पूरी जांच करेगी.” Also Read - अशांत क्षेत्र घोषित हुआ पूरा नागालैंड, केंद्र ने 6 महीने तक बढ़ाया AFSPA | जानिए क्या है पूरा मामला

बताया जा रहा है कि सुरक्षाबलों ने जिनपर फायरिंग की, वो मजदूर थे और अपना काम निपटाने के बाद एक पिकअप गाड़ी में बैठकर अपने घर जा रहे थे. जब देर रात तक वे अपने घर नहीं पहुंचे तो ग्रामीणों ने उन्हें ढूंढना शुरू किया और तब उनके परिजनों को इस घटना की जानकारी हुई.

राज्य के सीएम के ट्वीट के बाद घटना की जानकारी सार्वजनिक हो सकी. सीएम के ट्वीट से पहले आईपीएस अधिकारी रूपिन शर्मा ने ट्विटर पर इस घटना का एक वीडियो शेयर किया था और उन्होंने लिखा था कि ओटिंग गांव में सुरक्षाबलों की फायरिंग में कई नागरिकों के मौत की खबर है. हालांकि कुछ देर बाद उन्होंने यह वीडियो डिलीट कर दिया था.

वहीं सुरक्षाकर्मयों की तरफ से कहा गया है कि सिक्योरिटी फोर्सेस को इनपुट मिला था कि उस जगह पर उग्रवादी संगठन NSCN (KYA) के लोग होंगे और वहां किसी घटना को अंजाम दे सकते हैं और इसीलिए इस ऑपरेशन का प्लान किया गया. इनपुट में जिस रंग की गाड़ी के बारे में बताया गया था उसी रंग की गाड़ी वहां से गुजरी.

सिक्योरिटी फोर्स के लोगों ने उस गाड़ी को रोका,  लेकिन वह गाड़ी नहीं रुकी. इसके बाद सिक्योरिटी फोर्स ने फायरिंग कर दी. बाद में जाकर देखा तो पता चला कि वे सिविलियंस हैं. इसी बीच गांव वाले उस जगह पर आ गए और सिक्योरिटी फोर्स के लोगों से हथियार छीनने लगे और गाड़ी में भी आग लगा दी.