लखनऊ से निकली ब्रह्मोस मिसाइलों की पहली खेप, जानिए कितनी है नए वर्जन की मारक क्षमता

ब्रह्मोस एयरोस्पेस ने विश्व की सबसे तेज और घातक सटीक प्रहार क्षमता वाली 'ब्रह्मोस' सुपरसोनिक मिसाइल की पहली खेप लखनऊ की नई इंटीग्रेशन एंड टेस्ट सुविधा में सफलतापूर्वक तैयार कर ली है.

Published date india.com Published: October 18, 2025 1:46 PM IST
लखनऊ से निकली ब्रह्मोस मिसाइलों की पहली खेप,  जानिए कितनी है नए वर्जन की मारक क्षमता

BrahMos supersonic cruise missile: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शनिवार को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ लखनऊ स्थित ब्रह्मोस एयरोस्पेस सुविधा में निर्मित ब्रह्मोस मिसाइलों की पहली खेप को हरी झंडी दिखाई. इस मौके पर ऑपरेशन सिंदूर की सफलता की सराहना करते हुए राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत की सैन्य शक्ति उस मुकाम पर पहुँच गई है जीत एक आदत बन गई है.

रक्षा मंत्री ने कहा कि भारत के विरोधी अब देश की उन्नत मिसाइल क्षमताओं से बच नहीं सकते. उन्होंने आगे कहा कि पाकिस्तान की ज़मीन का एक-एक इंच हिस्सा अब हमारी ब्रह्मोस की रेंज में है. राजनाथ सिंह ने पाकिस्तान को एक कड़ा संदेश देते हुए कहा कि ऑपरेशन सिंदूर भारत की क्षमताओं की एक झलक मात्र है.

बता दें कि ब्रह्मोस एयरोस्पेस ने विश्व की सबसे तेज और घातक सटीक प्रहार क्षमता वाली ‘ब्रह्मोस’ सुपरसोनिक मिसाइल की पहली खेप लखनऊ की नई इंटीग्रेशन एंड टेस्ट सुविधा में सफलतापूर्वक तैयार कर ली है. यह अत्याधुनिक यूनिट 11 मई शुरू की गई थी. यहां मिसाइल इंटीग्रेशन, टेस्टिंग और अंतिम गुणवत्ता परीक्षण की सभी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं.

कितनी होगी ब्रह्मोस की रेंज

माना जा रहा है कि लखनऊ की नई इंटीग्रेशन एंड टेस्ट सुविधा में बनीं ब्रह्मोस मिसाइलों की रेंज 400 किलोमीटर से ज्यादा है. लखनऊ ब्रह्मोस यूनिट उत्तर प्रदेश डिफेंस कॉरिडोर की पहली ऐसी सुविधा है जहां मिसाइल सिस्टम के निर्माण से लेकर अंतिम परीक्षण तक की पूरी प्रक्रिया देश में ही की जाती है. लखनऊ में स्थापित इस ब्रह्मोस यूनिट में विकसित की जा रही अत्याधुनिक तकनीकें भविष्य में ब्रह्मोस एयरोस्पेस को और भी उन्नत वेरिएंट के मिसाइल सिस्टम विकसित करने में मदद करेंगी.

ब्रह्मोस मिसाइल भारत और रूस के संयुक्त उद्यम का परिणाम है. ये दुनिया की सबसे तेज सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल है. इसकी मारक क्षमता 290-400 किलोमीटर और गति मैक 2.8 (ध्वनि की गति से लगभग तीन गुना) है. यह मिसाइल जमीन, हवा और समुद्र से लॉन्च की जा सकती है और ‘फायर एंड फॉरगेट’ सिद्धांत पर काम करती है जिससे यह दुश्मन के रडार से बचकर सटीक निशाना लगा सकती है.

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