कोची: केरल के एक शहर में इस शुक्रवार से ‘सार्वजनिक परिवहन दिवस’ की अनोखी पहल की शुरुआत हो गई है. इसका मकसद सार्वजनिक परिवहन प्रणाली को बढ़ावा देना है. अब हर महीने के पहले शुक्रवार को जिला प्रशासन और निगमों समेत सरकारी अधिकारी और कर्मचारी सार्वजनिक वाहनों का उपयोग करना शुरू कर दिया है. मई के पहले शुक्रवार को एर्नाकुलम जिला प्रशासन ने माह के हर पहले शुक्रवार को ‘ पब्लिक ट्रांसपोर्ट डे’ घोषित कर दिया है.Also Read - दिल्ली को दहलाने की साजिश नाकाम, NIA ने पश्चिम बंगाल और केरल से अल-कायदा के 9 आतंकियों को किया गिरफ्तार

एर्नाकुलम के कलेक्टर के. मुहम्मद वाई सैफिरुल्ला समेत अन्य अधिकारियों ने पब्लिक ट्रांसपोर्ट को बढ़ावा देने के लिए सिटी बस में यात्रा की और साइकिलों का भी उपयोग किया. मई के पहले शुक्रवार को जिले के सरकारी अफसर-कर्मचारी पब्लिक ट्रांसपोर्ट के जरिए अपने- अपने ऑफिस पहूंचे. केरल के सरकारी विभागों की इस पहले से दूसरे राज्य भी सीख ले सकते हैं और पब्लिक ट्रांसपोर्ट को बढ़ाव देकर प्रदूषण में बड़ी कमी ला सकते हैं. ये अनोखी पहल सार्वजनिक नीति अनुसंधान केंद्र (सीपीपीआर) द्वारा जिले में सार्वजनिक परिवहन प्रणाली को बढ़ावा देने के लिए शुरू की गई है. Also Read - #COVID19: 103 साल के दादा जी ने कोरोना को दी मात, लोग हुए कायल

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पब्लिक ट्रांसपोर्ट को बढ़ावा देने उठाए ये कदम
– शहर की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था में लगभग 10,000 करोड़ रुपए का निवेश किया गया था
– लगभग 600 निजी बसों को जीपीएस सिस्टम के साथ लगाया गया
– लोक परिवहन दिवस के हिस्से के रूप में जिला कलेक्टर समेत अधिकारी सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करेंगे
– लगभग 100 बसों में कुछ हफ्तों में यही सुविधा होगी
– 15 मेट्रो ट्रेनों को जीपीएस से लैस किया गया
– 16 मेट्रो स्टेशनों से 300 ऑटोरिक्शा उपलब्ध रहेंगे
– इन ऑटो ड्राइवरों को स्मार्ट ट्रेनिंग दी गई है

स्टडी में ये बातें आई थीं सामने
– कोच्चि में केवल 6 फीसदी सड़कों पर उचित फुटपाथ है
– 87 के रूप में कई। 5 प्रतिशत सड़कों में जल निकासी है
– 8 प्रतिशत सड़कों से जल निकासी बंद
– 16,000 लोग प्रतिदिन नौकाओं पर निर्भर हैं

(इनपुट एजेंसी)