हैदराबाद: विश्‍वव्‍यापी कोरोना संकट के बीच वैक्‍सीन की उम्‍मीदों के बीच एक अच्‍छी खबर रूस से सामने आई है. रूस के गमालेया राष्ट्रीय महामारी विज्ञान एवं सूक्ष्मजीव अनुसंधान संस्थान द्वारा तैयार किए जा रहे Covid-19 के ‘स्पूतनिक-5’ Sputnik V नामक टीका (vaccine) परीक्षण में 92 प्रतिशत तक प्रभावी पाया गया है. रूस में हो रहे सबसे ज्यादा रेंडमाइज्ड प्लेसिबो नियंत्रित तीसरे चरण के ट्रायल से प्राप्त प्रथम अंतरिम आंकड़ों के आधार पर यह पुष्टि की गई.Also Read - SA vs IND: कोरोना के तीसरे वैरिएंट के बीच भारत का साउथ अफ्रीका दौरा, कप्तान ने जताया 'बायो-बबल' कदमों पर भरोसा

बता दें कि सितंबर 2020 में डॉ रेड्डडीज और आरडीआईएफ ने स्पूतनिक-5 टीके के क्लिनिकल ट्रायल और भारत में इसके वितरण के लिए समझौता किया था. समझौते के तहत आरडीआईएफ, टीके की एक हजार करोड़ खुराक डॉ रेड्डीज को उपलब्ध कराएगा. गमालेया और रूसी प्रत्यक्ष निवेश फंड (आरडीआईएफ) की ओर से जारी एक प्रेस वक्तव्य में कहा गया इस परीक्षण में 40,000 स्वयंसेवकों ने भाग लिया. Also Read - Omicron in India: इन देशों से महाराष्ट्र आने वाले यात्रियों के लिए क्वारंटाइन जरूरी, अन्य राज्यों से यात्री RT-PCR रिपोर्ट लेकर ही आएं

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इन परीक्षणों में 16,000 से अधिक स्वयंसेवियों पर टीके के प्रभाव का अध्ययन किया गया, जिन्हें पहला इंजेक्शन दिये जाने के 21 दिन बाद टीका या प्लेसिबो दिया गया.

बयान  में कहा गया कि कोरोना वायरस के 20 मामलों के सांख्यिकीय विश्लेषण के नतीजे में पता चला कि दूसरी खुराक  दिए जाने बाद स्पूतनिक-5 टीका 92 प्रतिशत तक प्रभावी है.

सितंबर 2020 में डॉ रेड्डडीज और आरडीआईएफ ने स्पूतनिक-5 टीके के क्लिनिकल ट्रायल और भारत में इसके वितरण के लिए समझौता किया था. समझौते के तहत आरडीआईएफ, टीके की एक हजार करोड़ खुराक डॉ रेड्डीज को उपलब्ध कराएगा.