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Karnataka में पहला मुस्लिम नेता होगा विधानसभा स्पीकर, यूटी खादर ने दाखिल किया नामांकन
Karnataka Assembly Speaker पूर्व मंत्री औरपांच बार के विधायक यूटी खादर को 24 मई को कर्नाटक विधानसभा के अध्यक्ष के पद पर चुना जाना तय है
Karnataka, कर्नाटक विधानसभा के अध्यक्ष (Karnataka Assembly Speaker) की कुर्सी पर पहली बार मुस्लिम नेता आसीन होगा. पांच बार के विधायक और पूर्व मंत्री यू. टी. खादर (UT Khader) ने आज मंगलवार को कर्नाटक विधानसभा अध्यक्ष पद के लिए नामांकन दाखिल किया है. निर्वाचित होने पर खादर कर्नाटक विधानसभा के अध्यक्ष के पद पर सेवा देने वाले पहले मुस्लिम नेता होंगे. सदन 24 मई को अध्यक्ष का चुनाव करेगा. परंपरा के अनुसार उन्हें सर्वसम्मति से चुने जाने की संभावना है.
परिपाटी के अनुसार, सत्तारूढ़ पार्टी के उम्मीदवार को आम तौर पर सर्वसम्मति से विधानसभा अध्यक्ष के रूप में चुना जाता है.
मंगलुरु विधानसभा क्षेत्र से विधायक खादर ने विधानसभा सचिव के कार्यालय में मुख्यमंत्री सिद्धरमैया, उप मुख्यमंत्री डी. के. शिवकुमार, मंत्री बी. जेड. जमीर अहमद खान और अन्य कांग्रेस नेताओं की उपस्थिति में अपना नामांकन पत्र दाखिल किया.
खादर ने पिछली विधानसभा में विपक्ष के उप नेता रहे हैं और पूर्व में मंत्री के रूप में भी काम कर चुके हैं. खादर एक मृदुभाषी राजनेता हैं, जो मंगलुरु (उलाल) निर्वाचन क्षेत्र से पांच बार विधायक चुने गए. उन्होंने 2013 में सिद्दारमैया के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार में स्वास्थ्य और खाद्य आपूर्ति मंत्री के रूप में कार्य किया. वह राज्य विधानसभा में विपक्षी दल के उप नेता भी रहे.
इसके पहले दिग्गज नेता आर.वी. देशपांडे, टी.बी. जयचंद्र और एच.के. पाटिल को पार्टी ने स्पीकर पद के लिए शॉर्टलिस्ट किया गया था. लेकिन इन नेताओं ने इस प्रस्ताव को ठुकरा दिया.
एआईसीसी सचिव के.सी. वेणुगोपाल और कर्नाटक प्रभारी रणदीप सिंह सुरजेवाला ने व्यक्तिगत रूप से खादर से बात की और उनसे पार्टी के हित में पद संभालने का अनुरोध किया.
सूत्रों ने कहा कि वेणुगोपाल ने खादर को आश्वासन भी दिया कि पार्टी उन्हें उचित पहचान देगी. बाद में मुख्यमंत्री सिद्दारमैया ने भी उनसे बात की और उन्हें मनाया. हालांकि खादर सांप्रदायिक रूप से संवेदनशील दक्षिण कन्नड़ से आते हैं, लेकिन उन्होंने न तो भड़काऊ बयान दिया है और न ही अभद्र भाषा में लिप्त हैं. उन्होंने धर्मों से परे समाज के सभी वर्गों का विश्वास जीता है. (पीटीआई-आईएएनएस-ani)
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