धर्मशाला: तिब्बत की निर्वासित संसद के लिए आम चुनाव का पहला चरण रविवार को संपन्न हुआ. इसके साथ ही अगले सिक्यांग (सरकार के प्रमुख) का भी चुनाव होगा. अधिकारियों ने यह जानकारी दी.Also Read - लोकतांत्रिक छवि दिखाने की कोशिश कर रहा चीन, शी चिनफिंग ने स्थानीय निकाय चुनाव में किया मतदान

भारत और दुनिया भर में करीब 1.3 लाख तिब्बती हैं, जो निर्वासन में हैं. रविवार को चुनाव के पहले चरण के बाद परिणाम आठ फरवरी को घोषित किए जाएंगे. दूसरे और अंतिम चरण का चुनाव 11 अप्रैल को होगा. तिब्बत की निर्वासित सरकार 14 मई को अपने प्रमुख को चुनेगी. Also Read - दिल्‍ली में सियासी मुलाकातें: शरद पवार मिले लालू यादव से, ममता बनर्जी मिलीं अरविंंद केजरीवाल से

तिब्बत की 17 वीं निर्वासित संसद के सदस्यों के चुनाव के लिए 79,697 तिब्बती मतदाताओं ने पंजीकरण कराया है. कुल मतदाताओं में से 55,683 भारत में रहते हैं, जबकि शेष 24,014 लोग विश्व के अन्य हिस्सों से पंजीकृत हैं. Also Read - शी चिनपिंग का तिब्बत दौरा भारत के लिए एक खतरा: अमेरिकी

तिब्बत की मौजूदा निर्वासित सरकार का नेतृत्व लोबसांग सांगे कर रहे हैं, जिनका सिक्यांग (प्रमुख) के रूप में दूसरा कार्यकाल पूरा हो रहा है. केंद्रीय तिब्बती प्रशासन का मुख्यालय धर्मशाला में स्थित है. शीर्ष राजनीतिक पद के लिए कुल आठ उम्मीदवार मैदान में हैं.

(इनपुट भाषा)