नई दिल्ली: एक अप्रैल से प्रस्तावित राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (एनपीआर) को अद्यतन करने और जनगणना-2021 के पहले चरण को कोरोना वायरस के चलते अनिश्चित काल तक के लिए टाला जा सकता है. एक-दो दिन में इस संबंध में आधिकारिक आदेश जारी होने की उम्मीद है. गृह मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि सरकार के उच्च स्तर पर इस संभावना पर चर्चा चल रही है. एनपीआर और जनगणना के तहत घरों को सूचीबद्ध करने के काम के पहले चरण को कोरोना वायरस के चलते टाला जा सकता है. Also Read - यूपी: धार्मिक स्थलों में 5 से ज्यादा लोगों के जमा होने पर रोक, प्रसाद नहीं बाँट सकते, जानें और क्या पाबंदियां लगीं

उल्लेखनीय है कि एनपीआर को अद्यतन करने और जनगणना के पहले चरण में घरों को सूचीबद्ध करने का काम एक अप्रैल से 30 सितंबर तक होना है. गृह मंत्रालय ने पिछले हफ्ते कहा था कि जनगणना 2021 और एनपीआर को अद्यतन करने की तैयारियां अंतिम चरण में है और एक अप्रैल को यह शुरू होगा. मंत्रालय ने यह बात जनगणना और एनपीआर की तैयारियों पर निदेशकों के सम्मेलन के बाद कहा. Also Read - महाराष्ट्र में कोरोना का कहर जारी, एक दिन में कोविड-19 के रिकॉर्ड 63, 294 नए केस, 349 की मौत

उल्लेखनीय है कि कई राज्य सरकारों ने एनपीआर का विरोध किया और यहां तक इसको लेकर चिंताओं को प्रकट करने के लिए कुछ राज्यों ने अपनी-अपनी विधानसभाओं में प्रस्ताव पारित किया है. केरल, पश्चिम बंगाल, पंजाब, राजस्थान, छत्तीसगढ़ और बिहार ने एनपीआर का विरोध किया है. हालांकि, स्पष्ट किया है कि वे जनगणना के पहले चरण में घरों को सूचीबद्ध करने के काम में सहयोग करेंगे. Also Read - 105 साल की 'मां' ने 80 साल के बेटे के साथ लगवाई वैक्सीन, बोलीं- लोग डरते क्यों हैं, मैं...

(इनपुट भाषा)