गोरखपुर: इंफोसिस के सह संस्थापक नारायण मूर्ति ने कहा कि 300 वर्ष में पहली बार ऐसा आर्थिक माहौल बना है, जो विश्वास पैदा करता है कि गरीबी उन्मूलन किया जा सकता है. मूर्ति ने गुरुवार को कहा, ”300 साल में पहली बार ऐसा माहौल बना है, जो विश्वास पैदा करता है कि हम अपनी गरीबी से उबर सकते हैं और हर भारतीय के लिए बेहतर भविष्य दे सकते हैं. हम अगर कड़ा प्रयास करें तो हम गरीब से गरीब बच्चे की आंख से आंसू पोंछ सकते हैं, जैसा महात्मा गांधी चाहते थे.”

नारायण मूर्ति गोरखपुर मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकीय विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में बोल रहे थे. उन्होंने कहा ”हमें निजी हितों से आगे देश हित को रखना होगा. हमें लगातार उन देशों से तुलना करनी होगी जो हमसे बेहतर हैं. हमें ऐसे देशों से सीखना होगा.” मौजूदा अर्थव्यवस्था के बारे में उन्होंने कहा कि हमारी अर्थव्यवस्था 6 से 7 प्रतिशत की दर से विकास कर रही है.

मूर्ति ने कहा, भारत सॉफ्टवेयर विकास के मामले में दुनिया का बड़ा केंद्र बना हुआ है. हमारा विदेशी मुद्रा भंडार 400 अरब डॉलर को पार कर गया है. निवेशकों का विश्वास ऐतिहासिक रूप से काफी अधिक है. दीक्षांत समारोह में उन्हें डाक्टर आफ साइंस की मानद डिग्री प्रदान की गई.