नई दिल्ली. फिच रेटिंग्स का अनुमान है कि 2019 के अंत तक रुपया टूटकर 75 रुपये प्रति डॉलर तक कमजोर हो जाएगा. फिच ने गुरुवार को अपने वैश्विक आर्थिक परिदृश्य में कहा कि चालू खाते का घाटा बढ़ने तथा वैश्विक वित्त महंगा होने से रुपये में गिरावट आएगी. इस समय रुपया 71 रुपये प्रति डॉलर के स्तर पर चल रहा है.

आयात मूल्य बढ़ेगा
फिच ने कहा कि उसका अनुमान है कि आगामी महीनों में खाद्य वस्तुओं के दाम स्थिर होने से मुद्रास्फीति में कुछ इजाफा होगा. इसके अलावा रुपये में गिरावट से आयात का मूल्य बढ़ेगा. फिच ने कहा कि चालू खाते का घाटा बढ़ने तथा वैश्विक स्तर पर वित्त की स्थिति सख्त होने से रुपये के नीचे आने का दबाव रहेगा. हमारा अनुमान है कि 2019 के अंत तक रुपया 75 रुपये प्रति डॉलर के स्तर पर होगा.

मुद्रा की स्थिति एशिया में खराब
एशिया में इस समय रुपया सबसे खराब प्रदर्शन करने वाली मुद्रा है. अक्टूबर में रुपया 74 प्रति डॉलर के निचले स्तर तक गया था. 9 अक्टूबर को रुपये ने अपना सर्वकालिक निचला स्तर 74.39 रुपये प्रति डॉलर छुआ था.