नई दिल्ली: संसद भवन और सेंट्रल विस्टा के पुनर्विकास की केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी परियोजना की दौड़ में एक कंपनी की निविदा खारिज हो जाने के बाद वास्तुकला से जुड़ी केवल पांच देसी कंपनियां ही बच गई हैं. सूत्रों ने यह जानकारी मंगलवार को दी. सूत्रों ने बताया कि योजना के लिए कंपनी का चयन को दिवाली से पहले कर लिया जाएगा और अगले साल परियोजना पर काम शुरू हो जाएगा. परियोजना के तहत सरकार राष्ट्रपति भवन और इंडिया गेट के बीच तीन किलोमीटर के क्षेत्र का पुनर्विकास करेगी. मंत्रालय के मुताबिक पूरी परियोजना 2024 में पूरी कर ली जाएगी.Also Read - नए संसद भवन के निर्माण में लगे कामगारों को पीएम मोदी का तोहफा, 'योगदान को याद रखने के लिए बनाया जाएएगा डिजिटल म्यूजियम'

उल्लेखनीय है कि परियोजना के लिए केंद्रीय आवास एवं शहरी मामलों के मंत्रालय ने दो सितंबर को देसी और विदेशी डिजाइन एवं योजना कंपनियों से अनुरोध पत्र आमंत्रित किया था, इस परियोजना का क्रियान्वयन केंद्रीय लोकनिर्माण विभाग द्वारा किया जाना है. सूत्रों ने बताया कि वास्तुकला से जुड़ी छह भारतीय कंपनियों ने निविदा जमा किया था जबकि कोई विदेशी कंपनी इस प्रक्रिया में शामिल नहीं हुई. Also Read - PM Modi at New Parliament Building: नए संसद भवन के निर्माण स्थल पर अचानक पहुंचे पीएम मोदी, एक घंटे तक किया निरीक्षण

उन्होंने कहा, ‘‘ निविदा जमा करने वाली छह कंपनियों में से एक का अनुरोध पत्र इसलिए खारिज कर दिया गया क्योंकि वह 20 करोड़ रुपये सालाना कारोबार की अर्हता पूरा नहीं करती थी जो न्यूनमत योग्यता निर्धारित की गई थी.’’ सूत्रों ने बताया कि इस महत्वकांक्षी परियोजना की दौड़ में जो पांच कंपनियां हैं उनमें हफीज कांट्रैक्टर और सीपी कुकरेजा शामिल हैं, ये कंपनियां अगले हफ्ते अपनी प्रस्तुति देंगी. Also Read - Central Vista के कंस्‍ट्रक्‍शन पर रोक नहीं, Delhi HC ने याचिकार्ताओं पर 1 लाख का जुर्माना लगाया

उन्होंने बताया कि अभी विशेषज्ञों की समिति कंपनियों की ओर से जमा तकनीकी प्रस्ताव का आकलन कर रही है, उनकी ओर से जमा वित्तीय प्रस्तावों को तभी खोला जाएगा जब उनके तकनीकी प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया जाएगा. हालांकि, सरकार ने अबतक योजना की संभावित लागत की घोषणा नहीं की है.