पाकिस्तान को आतंकी देश घोषित करने की मांग जोर पकड़ती जा रही है। हाल ही में अमेरिकी कांग्रेस में दो सांसदों ने पाकिस्तान को आतंकवादी देश घोषित करने से संबंधित एक बिल पेश किया था। अब इसी मांग को लेकर दायर एक ऑनलाइन याचिका को रेकॉर्ड समर्थन मिल रहा है। याचिका पर करीब पांच लाख लोगों ने हस्ताक्षर कर समर्थन जताया है। जो ओबामा प्रशासन से इस बारे में जवाब मिलने के लिए जरुरी संख्या से पांच गुना हैं। Also Read - पाकिस्तान: कोरोना से लड़ाई में बाधा बनी तब्लीगी जमात की गतिविधियां, मुख्यालय में मिले 27 कोरोना संक्रमित

ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या अब राष्ट्रपति ओबामा पाकिस्तान को आतंकवादी देश घोषित करने पर विचार करने के लिए मजबूर होंगे? यह याचिका आरजी नाम के एक व्यक्ति ने 21 सितंबर को जारी की थी। इस संबंध में व्हाइट हाउस से जवाब मिलने के लिए तीस दिन में एक लाख हस्ताक्षरों की आवश्यकता थी। लेकिन एक सप्ताह के अंदर ही एक लाख का आंकड़ा पार हो गया था। यह भी पढ़ें: पीओके में आईएसआई और पाक फौज के अत्याचार के खिलाफ सड़कों पर उतरे लोग Also Read - Covid 19: पाक में हिंदुओं को सरकारी राशन तक नहीं दिया जा रहा, भूखे रहने की नौबत

अपने फेसबुक पेज के जरिए इस याचिका से जुड़ीं जॉर्जटाउन यूनिवर्सिटी की सायेंटिस्ट अंजु प्रीत ने लिखा, ‘जब तक हमें 10 लाख हस्ताक्षर नहीं मिल जाते, हम नहीं रुकेंगे। कम से कम अपने 10 दोस्तों और परिवार के लोगों को टैग करें अगर आपको लगता है कि आपके पैसे का इस्तेमाल लोक-कल्याण के लिए होना चाहिए, आतंकवाद के लिए नहीं।’ Also Read - कोरोनावायरस से पीड़ित पाकिस्तान के दिग्गज स्क्वैश खिलाड़ी आजम खान का निधन

यह देखते हुए कि याचिका 21 अक्टूबर तक हस्ताक्षर के लिए खुली रहेगी, निर्धारित लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है। याचिका में कहा गया है, ‘यह याचिका अमेरिका, भारत और उन सभी देश के लोगों के लिए महत्वपूर्ण है जो पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद से पीड़ित हैं।’

बता दें यह पहल राष्ट्रपति बराक ओबामा की ओर से की गई थी। इसमें वाइटहाउस की वेबसाइट पर ‘वी द पीपल’ याचिका के जरिए अमेरिका के नागरिक प्रशासन के सामने किसी भी मुद्दे को उठा सकते हैं।

यह याचिका अब व्हाइट हाउस की वेबसाइट पर मशहूर हो गयी है। ओबामा प्रशासन 60 दिनों में याचिका पर जवाब दे सकता है।