Five major decision on Jammu-Kashmir: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार ने भारत के माथे पर कंलक के रूप में विराजमान रही दशकों पुरानी कश्मीर समस्या पर एक साथ कई प्रहार किए हैं. देश की आजादी और बंटवारे के साथ उपजी इस समस्या के समाधान पर संभवतः यह अब तक का सबसे बड़ा वार है. पिछले कुछ दिनों से कश्मीर को लेकर जारी कयासबाजी के बीच किसी को भी यह उम्मीद नहीं थी कि पीएम मोदी की सरकार इतना बड़ा फैसला करने जा रही है. राजनीतिक पंडितों और कश्मीर के जानकारों, सभी को यही लगता था कि मोदी सरकार ज्यादा से ज्यादा वहां से अनुच्छेद 35A हटाने जा रही है. इसी को लेकर सरकार ने पिछले दिनों एक के बाद एक कई आदेश जारी कर समूचे जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा के बेहद कड़े इंतजाम किए थे.Also Read - किस मॉडल पर देश का सर्वांगीण और समावेशी विकास है संभव, अमित शाह ने बताया

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धारा 370 हटा (Article 35A Revoked)- केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आज सुबह राज्यसभा में जम्मू-कश्मीर को भारत के अन्य राज्यों से अलग दर्जा देने वाले संविधान के धारा 370 के प्रावधानों को खत्म करने का प्रस्ताव किया. इस प्रस्ताव को पेश किए जाने के साथ ही सदन में भारी हंगामा शुरू हो गया. संवैधानिक संशोधन से संबंधित इस प्रस्ताव के सदन से पास होने और राष्ट्रपित की मंजूरी मिल जाने के बाद राज्य से धारा 370 यानी उसका विशेष दर्जा खत्म हो जाएगा. Also Read - Constitution Day: संसद और सुप्रीम कोर्ट सहित कई समारोहों में शामिल होंगे पीएम मोदी

कश्मीर के बंटवारे पर बोलीं महबूबा मुफ्ती- धारा 370 खत्म करना ‘विनाशकारी’ होगा

अनुच्छेद 35A हटा (Article 35A Revoked)- सदन में धारा 370 हटाने के प्रस्ताव से इतर मोदी सरकार ने राष्ट्रपति के माध्यम से राज्य से संबंधित अनुच्छेद 35ए को हटवा दिया है. अब राज्य में कोई भी व्यक्ति संपत्ति खरीद या रख सकता है. जम्मू-कश्मीर को लेकर ये सबसे बड़ा विवादित विषय था.

Jammu-Kashmir Bifurcated: केंद्र शासित प्रदेश बना जम्मू-कश्मीरः सरकार ने जम्मू-कश्मीर को केंद्र शासित प्रदेश का दर्जा देने का प्रस्ताव किया है. लेकिन यहां विधानसभा होगी. इस तरह जम्मू-कश्मीर की स्थिति काफी हद तक दिल्ली और पुड्डुचेरी जैसे केंद्र शासित प्रदेशों की तरह होगी. ऐसी स्थिति में राज्य से जुड़े कई अहम मसले अब सीधे तौर पर केंद्र सरकार के पास होंगे.

जम्मू-कश्मीर राज्य का अस्तित्व खत्मः सरकार ने जम्मू-कश्मीर राज्य का अस्तित्व की खत्म कर दिया है. यानी अब देश में एक प्रदेश कम हो जाएगा.

लद्दाख को अलग पहचान (Ladakh will be separate Union Territory): सरकार ने राज्य को दो हिस्सों में बांट दिया है. लद्दाख को बिना विधानसभा वाला केंद्र शासित प्रदेश बनाया गया है. यानी लद्दाख पर कश्मीर का प्रभु्त्व खत्म हो जाएगा. इसकी स्थिति काफी हद तक चंडीगढ़ जैसी होगी.