दो लोगों की लड़ाई में जब कोई बेकसूर तीसरा मारा जाता है तब इस समाज की नींव और खोखली हो जाती है. बीते बुधवार को ऐसी ही एक घटना सामने आई जहां पति पत्नी की लड़ाई में पांच साल के मासूम को मौत का मुंह देखना पड़ा. पुलिस के अनुसार बच्चे की मौत का कारण पति पत्नी के बीच हुआ एक झगड़ा था. पति किसी बात पर अपना आपा खोकर पत्नी को छड़ी से पीटने पर उतर आया और इसी दौरान उस बच्चे के सिर में वो छड़ी लगी जिसमे एक लोहे की कील थी. इस हादसे के दो दिन बाद उस बच्चे की मौत हो गई.

पुलिस को बच्चे के पिता की तलाश है, जो उसकी मौत के बाद से फरार है. वह शख्स पहले गाजियाबाद के एक निजी अस्पताल में ऑपरेशन थियेटर (ओटी) तकनीशियन के रूप में काम करता था. वह पिछले कुछ महीनों से बेरोजगार था. बच्चे की मां एक निजी क्लिनिक में नर्स के रूप में काम करती है. गाजीपुर पुलिस स्टेशन में भारतीय दंड संहिता की धारा 304 के तहत हत्या का दोषी नहीं होने का मामला दर्ज किया गया है. पुलिस ने कहा कि बच्चा अपनी मां की गोद में था, जब उसके पिता ने रविवार को किसी मुद्दे पर उसकी मां से झगड़ने  के बाद उसे छड़ी से पीटना शुरू कर दिया. हमले के दौरान, बच्चे के माथे पर वो छड़ी लगी और छड़ी से जुड़ी एक लोहे की कील लगने की वजह से बच्चे की सिर से खून बहने लगा.

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मामले से जुड़े एक पुलिस अधिकारी ने कहा, “माता-पिता बच्चे को देखकर घबरा गए और उसे पास के एक क्लिनिक में ले गए जहां एक डॉक्टर ने बच्चे को प्राथमिक उपचार दिया और उसे छुट्टी दे दी क्योंकि यह मामूली घाव था और बहुत गहरा नहीं था.” अधिकारी के अनुसार, बच्चा ठीक हो रहा था और मंगलवार सुबह तक ठीक था. उनके माता-पिता उन्हें क्लिनिक ले गए, जहां डॉक्टरों ने बच्चे की हालत गंभीर पाई और उसे पटपड़गंज के एक निजी अस्पताल में रेफर कर दिया.

फिर बच्चे को अस्पताल लाया गया जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. अस्पताल के अधिकारियों ने पुलिस को उस बच्चे की मौत के बारे में सूचित किया, जिसे उसकी मां ने वहां लाया था. मौके पर पुलिस की एक टीम वहां पहुंची और बच्चे के शव को अपने कब्जे में ले लिया. बच्चे के शव को फिर लाल बहादुर शास्त्री अस्पताल भेजा गया जहां शव परीक्षण किया गया. शव परीक्षण रिपोर्ट से पता चला कि बच्चे की मौत उसके सिर में आंतरिक रक्तस्राव के कारण हुई. अधिकारी ने कहा, “फरार पिता को पकड़ने के लिए एक टीम बनाई गई है.” यह दंपति किराए के घर में रहता था और करीब ढाई साल पहले शादी हुई थी. पांच महीने का लड़का उनकी इकलौती संतान था.