कोलकाता: पश्चिम बंगाल के पुरूलिया में रविवार को रामनवमी के पर एक रैली दो गुटों में झड़प हो गई. इस हिंसक टकराव में पांच पुलिसकर्मी घायल हो गए. अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (कानून एवं व्यवस्था) अनुज शर्मा ने बताया कि जिले के अरशा पुलिस थाना क्षेत्र में रामनवमी का जुलूस निकाले जाने को लेकर दो गुटों में खूनी हिंसा हुई. घायल पुलिसकर्मियों में एक डीएसपी रैंक का अधिकारी भी शामिल है. उन्होंने बताया कि घटना में कथित संलिप्तता को लेकर कुछ लोगों को गिरफ्तार किया गया है.

सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस और विपक्षी भाजपा ने राज्य के विभिन्न हिस्सों में रामनवमी मनाने के लिए जुलूसों का आयोजन किया था. वीएचपी ने इस रैली को बंगाल के ‘‘ हिंदुओं को एकजुट’’ करने की दिशा में पहला कदम करार दिया था. जानकारी के मुताबिक कई जगहों पर रामनवमी के मौके पर हथियार लेकर जुलूस भी निकाले गए. वेस्ट मिदनापुर जिले के खड़गपुर में तलवारें और गदा के साथ निकाले गए एक जुलूस में भाजपा की राज्य इकाई के अध्यक्ष दिलीप घोष देखे गए.
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घोष ने बताया कि रामनवमी के दिन अस्त्र पूजा करने की बरसों पुरानी हिंदू परंपरा है. अनुज शर्मा ने बताया ”पुलिस के अनुमति न देने के बावजूद विभिन्न जगहों पर हथियार ले कर जुलूस निकाले गए. इस मामले में पुलिस कड़ी कार्रवाई करेगी.” पुरूलिया जिले के तृणमूल नेताओं ने आरोप लगाया कि विश्व हिंदू परिषद ने रामनवमी पर हथियारों के साथ जुलूस निकाला जिसमें बच्चे हथियार लिए नजर आए. वहीं संपर्क करने पर विहिप की राज्य इकाई के अध्यक्ष सचिन्द्रनाथ सिंगा ने इन आरोपों को गलत बताया

पश्चिम बंगाल बाल अधिकार सुरक्षा आयोग की अध्यक्ष अनन्या चटर्जी चर्कवर्ती ने कहा कि वह इस घटना से अवगत हैं और इस पर कार्रवाई करेंगी. भाजपा और संघ परिवार के अनुषंगी संगठनों द्वारा आयोजित रैलियों के जवाब में तृणमूल कांग्रेस ने राज्य के विभिन्न हिस्सों में जुलूस निकाले और राम की पूजा की. पार्टी के एक नेता ने कहा ”भाजपा राज्य के लोगों को बांटने के लिए रामनवमी का इस्तेमाल नहीं कर पाएगी.”