नई दिल्‍ली: देश की रक्षा इतिहास में आज 27 जुलाई तब दर्ज हो गया जब फ्रांस के एयरपोर्ट से 5 राफेल विमानों ने भारत के लिए उड़ान भरी. भारत ने फ्रांस सरकार, फ्रांसीसी एयरफोर्स और राफेल निर्माता कंपनी डसॉल्ट को धन्‍यवाद दिया है. पूर्वी लद्दाख सीमा पर चीन के साथ जारी तनाव के बीच ये जंगी विमान इंडियन एयरफोर्स में शामिल होने जा रहे हैं. डसाल्‍ट निर्मित ये फाइटर जेट्स आज सामने आए हैं और फ्रांस से भारत के लिए उड़ान भर चुके हैं.Also Read - IND vs WI: वेस्टइंडीज के खिलाफ भारतीय टीम का ऐलान, Rohit Sharma संभालेंगे कमान, Ravi Bishnoi को 'गोल्डन चांस'

इंंड‍ियन एयरफोर्स पूर्वी लद्दाख सीमा पर चीन के साथ जारी सीमा गतिरोध के बीच राफेल जेट जंगी विमानों की पहली खेप को अपने बेड़े में शामिल करने जा रही है. इन 5 राफेल जेट को 29 जुलाई को हरियाणा के अंबाला में भारतीय वायु सेना के एयरबेस में शामिल किया जाएगा. Also Read - IND vs WI: भारतीय टीम में Ravi Bishnoi, कुलदीप यादव की वापसी, Rohit Sharma संभालेंगे कमान!


फ्रांस में भारतीय राजदूत जावेद अशरफ ने कहा, ये 5 राफेल जेट बेहद तेज, बहुमुखी और बहुत घातक विमान हैं. दोनों सुंदर और जंगली हैं. मैं डसॉल्ट का शुक्रिया अदा करना चाहता हूं और फ्रांस सरकार और फ्रांसीसी वायु सेना को सभी समर्थन के लिए. Also Read - India vs South Korea, Women's Asia Cup Hockey, Semifinal: टूटा खिताबी सपना! साउथ कोरिया ने सेमीफाइनल में भारत को हराया

बता दें कि भारतीय वायुसेना ने कहा था, ”वायुसेना के हवाई चालक दल और जमीनी चालक दल के सदस्यों ने अत्याधुनिक अस्त्र प्रणालियों सहित विमान से संबंधित समग्र प्रशिक्षण हासिल किया है और अब ये पूरी तरह परिचालित हैं. विमानों के पहुंचने के बाद के प्रयास विमान को जल्द से जल्द अभियानगत रूप से परिचालित करने पर केंद्रित होंगे.

आधिकारिक सूत्रोंने कहा कि राफेल लड़ाकू विमानों को पूर्वी लद्दाख सेक्टर में तैनात किए जाने की संभावना है, जिससे कि भारतीय वायुसेना चीन के साथ विवाद के मद्देनजर वास्तविक नियंत्रण रेखा पर अपनी अभियानगत क्षमताओं को मजबूत कर सके. अधिकारियों ने कहा कि राफेल विमानों के आने के बाद वायुसेना की लड़ाकू क्षमताओं में और वृद्धि होगी.

भारत ने लगभग 58 हजार करोड़ रुपए में 36 राफेल लड़ाकू विमान खरीदने के लिए सितंबर 2016 में फ्रांस के साथ एक अंतर-सरकारी समझौते पर हस्ताक्षर किए थे. इन 36 राफेल विमानों में से 30 लड़ाकू विमान और छह प्रशिक्षण देने वाले विमान होंगे.