
Anjali Karmakar
अंजलि कर्मकार 12 साल से जर्नलिज्म की फील्ड में एक्टिव हैं. उन्होंने बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी से इकोनॉमिक्स में ग्रेजुएशन किया है. यहीं से मास कॉम में मास्टर्स की डिग्री ली ... और पढ़ें
देश के 5 राज्यों के पांच एयरपोर्ट पर उड़ानों की रफ्तार बुधवार को थम सी गई है. किसी टेक्निकल फॉल्ट और क्रू मेंबर्स की कमी की वजह से सुबह से चेक इन सिस्टम में दिक्कत आ रही है. ऐसे में 70 से ज्यादा उड़ानें प्रभावित हुई हैं. न्यूज एजेंसी ANI के मुताबिक, चेक इन सिस्टम में फॉल्ट के चलते बेंगलुरु एयरपोर्ट में 42 फ्लाइट को कैंसिल करना पड़ा. दिल्ली एयरपोर्ट पर भी इंडिगो की 38 उड़ानें कैंसिल कर दी गईं. वहीं, हैदराबाद में एयरपोर्ट पर भारी भीड़ जमा हो गई है.उधर, वाराणसी एयरपोर्ट पर भी फ्लाइट के आने में देरी होने के कारण यात्री परेशान दिखे. टेक्निकल फॉल्ट के कारण मुंबई, अहमदाबाद, बेंगलुरु, चेन्नई और दिल्ली जाने वाले कम से कम 15000 यात्री बीती रात से ही एयरपोर्ट पर फंसे हुए हैं.
सबसे ज्यादा इंडिगो की फ्लाइटें कैंसिल हुई हैं. इंडिगो एयरलाइन ने बताया कि क्रू मेंबर्स और ऑपरेशन से जुड़ी दिक्कतों की वजह से इंदौर में 11, हैदराबाद में 13, बेंगलुरु में 42 और दिल्ली में 38 फ्लाइटों को कैंसिल करना पड़ा है. यात्रियों में सबसे ज्यादा परेशानी उन लोगों की है, जिन्हें विदेश जाने वाली कनेक्टिंग फ्लाइट्स पकड़नी थीं. एयरपोर्ट पर एयरलाइंस कर्मचारी यात्रियों के सवालों का संतोषजनक जवाब नहीं दे पा रहे हैं, जिससे स्थिति और तनावपूर्ण हो गई है.
इंडिगो की फ्लाइट में सफर करने वाले एक यात्री ने न्यूज एजेंसी ANI को बताया,”हमें कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी जा रही है. न तो हमें बताया जा रहा है कि फ्लाइट टेकऑफ कब करेगी और न ही इस देरी का क्या कारण है? हमारे लिए खाने-पीने की भी कोई व्यवस्था नहीं की गई है.”
इंडिगो एयरलाइन का बयान
इस बीच इंडिगो एयरलाइंस का बयान भी आया है. एयरलाइंस के प्रवक्ता ने कहा,”हम तकनीकी समस्याओं का सामना कर रहे हैं. इसे जल्द से जल्द ठीक करने की कोशिश हो रही है. हम यात्रियों की असुविधा के लिए खेद जताते हैं. उन्हें हर संभव सहायता प्रदान करने का प्रयास कर रहे हैं.”
इंडिगो की उड़ानें रद्द होने पर DGCA सख्त
हाल के समय में इंडिगो की 1232 फ्लाइटें कैंसिल हुई हैं. एविएशन रेगुलेटर DGCA ने इंडिगो एयरलाइन की उड़ानों में लगातार हो रही देरी और रद्दीकरण को लेकर जांच शुरू कर दी है. DGCA ने कहा है कि वह स्थिति की बारीकी से समीक्षा कर रही है. ऐसे कदमों पर विचार कर रही है, जिनसे यात्रियों को हो रही असुविधा कम हो सके.
IndiGo provided the following summary of recent operational performance – A total of 1,232 flights were cancelled during the period. A large share of cancellations arose from crew / FDTL compliance and airport/airspace/ATC-related factors, many of which lie beyond the operator’s… pic.twitter.com/9v7pReqZAH
— ANI (@ANI) December 3, 2025
इंडिगो से मांगी डिटेल
DGCA की ओर से जारी बयान में कहा गया कि इंडिगो को निर्देश दिया गया है कि वह मौजूदा व्यवधानों की वजहों का पूरा विवरण पेश करे. इसके साथ ही एयरलाइन से यह भी पूछा गया है कि वह स्थिति में सुधार के लिए क्या कदम उठा रही है.
किस एयरपोर्ट का कैसा हाल?
बेंगलुरु एयरपोर्ट: यहां चेक इन सिस्टम में कोई बड़ा फॉल्ट हो गया. इस वजह से चेक इन प्रोसेस में देरी हुई. इस कारण कुल 42 फ्लाइट्स रद्द की गईं. इनमें 22 अराइवल फ्लाइट थीं. 20 को डिपार्चर होना था. इंडिगो की कई सेवाएं भी ऑपरेशनल कारणों से कैंसिल की गईं हैं. फिलहाल एयरपोर्ट और एयरलाइंस टीमें ऑपरेशन को सामान्य करने के लिए काम कर रही हैं.
हैदराबाद राजीव गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट: यहां भी चेक-इन सिस्टम में समस्या आई. इसके कारण एयरपोर्ट पर यात्रियों की भारी भीड़ जमा हो गई. सबसे ज्यादा असर इंडिगो की फ्लाइट में देखा गया.अभी एयरपोर्ट और एयरलाइंस टीमें सामान्य संचालन सुनिश्चित करने के लिए तेजी से काम कर रही हैं.
दिल्ली इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट: टेक्निकल फॉल्ट की वजह से पूरा सिस्टम गड़बड़ा गया. इंडिगो, स्पाइसजेट, अकासा एयर और एअर इंडिया एक्सप्रेस समेत 4 एयरलाइंस के चेक-इन सिस्टम पर असर पड़ा है. फिलहाल स्थिति को संभालने के लिए सभी प्रभावित एयरलाइंस ने तुरंत मैनुअल चेक-इन और बोर्डिंग प्रक्रिया शुरू कर दी है. दिल्ली एयरपोर्ट अथॉरिटी की ऑन-ग्राउंड टीमें यात्रियों की परेशानी कम करने के लिए सभी स्टेकहोल्डर्स के साथ मिलकर काम कर रही हैं.
कहीं ये GPS स्पूफिंग तो नहीं?
दिल्ली एयरपोर्ट पर पिछले महीने GPS स्पूफिंग हुई थी. स्पूफिंग एक प्रकार का साइबर अटैक है जो नेविगेशन सिस्टम को गुमराह करने के लिए फेक GPS सिग्नल भेजता है. GPS स्पूफिंग की वजह से पायलटों को गलत लोकेशन और नेविगेशन डेटा अलर्ट मिल रहे थे. एयर ट्रैफिक कंट्रोल के सूत्रों के अनुसार दिल्ली के करीब 100 किमी के दायरे में ऐसी घटनाएं सामने आईं थीं. अब बुधवार के टेक्निकल फॉल्ट को लेकर भी ऐसा अंदेशा जताया जा रहा है कि कहीं ये स्पूफिंग तो नहीं है. बहरहाल, अभी तक इस मामले पर कोई ऑफिशियल स्टेटमेंट नहीं आया है.टेक्निकल फॉल्ट होने की वजहों का पता लगाया जा रहा है.
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