नई दिल्लीः उत्तर पूर्वी मानसून के कारण तमिलनाडु के कई इलाकों में पिछले 24 घंटे में भारी बारिश से राज्य में बाढ़ जैसे हालात उत्पन्न हो गए है. लगातार बारिश के कारण निचले इलाकों की गलियों में जल भराव की समस्या पैदा हो गई है. तमिलनाडु और पुडुचेरी दोनों राज्यों में अगले 24 से 48 घंटे तक तक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है. अब तक तमिलनाडु में बारिश के कारण 5 लोंगों की मौत हो चुकी है.

सोमवार को भारी बारिश की आशंका देखते हुए राज्य में स्कूल बंद कर दिए गए हैं और परिक्षाओं को स्थगित कर दिया गया है. चेन्नई में भारी बारिश के चलते एक व्यक्ति कि मौत हो गई है. वहीं चेंगलपट्टू, कांचीपुरम, कुड्डालोर और चेन्नई में स्कूलों को बंद कर दिया गया ह, जब कि वहीं दूसरी तरफ मद्रास यूनिवर्सिटी और अन्ना यूनिवर्सिटी में चल रही परीक्षाओं को बाढ़ के हालात देखते हुए स्थगित कर दिया गया है.

मौसम विभाग के एक अधिकारी ने जानकारी देते हुए कहा कि ऊपरी वायु प्रवाह के कारण राज्य में भारी बारिश हुई है. उन्होंने कहा कि अगले 48 घंटे में हल्की से भारी बारिश होने की संभावना है इसलिए लोग अपने घरों में ही रहे. भारी बारिश को देखते हुए प्रशासन ने मछुवारों और लोगों से नदियों के किनारों से दूर रहने के लिए कहा है.


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बारिश के चलते रामेश्वरम के मंडपम के तटीय इलाके में बीती रात तट से टकराने के बाद 6 नौकाओं को भी नुकसान पहुंचा. तमिलनाडु के आपदा प्रबंधन मंत्री आरबी उदय कुमार ने जानकारी देते हुए कहा बताया कि कडलूर जिले में निचले इलाकों फंसे 800 लोगों को भारी बारिश के बाद निकाला गया है. बाढ़ के हालात को देखते हुए प्रशासन ने सभी राहत दलों से किसी भी आपदा से निपटने के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए हैं.

विंदुर बांध से पानी छोड़े जाने के बाद पुडुचेरी में संकरबरनी नदी के किनारे रहने वाले सभी ग्रामीणों और किसानों से सुरक्षित स्थानों में जाने के निर्देश दिए गए हैं. पुडुचेरी के राजस्व मंत्री एम ओ एच एफ शाहजहां ने वर्षा से प्रभावित गांवों का दौरा किया और सरकार द्वारा लोगों की हर संभव मदद का आस्वासन भी दिया है.