Rishi Ganga, Chamoli, Uttarakhand, death toll, ITBP, Tapovan, Latest News: उत्तराखंड (Uttarakhand) के चमोली ( Chamoli) जिले में ऋषिगंगा Rishi Ganga) नदी के ऊपरी जलग्रहण क्षेत्र में ग्लेशियर टूटने के बाद बनी झील के बहाव को तेज किया जा रहा है. ITBP) के जवानों ने SDRF और अन्य संगठनों के साथ मिलकर उत्तराखंड के चमोली में ऋषि गंगा में बनी झील के प्रवाह को चौड़ा करने के लिए काम कर रहे हैं. Also Read - भारत में कोरोना संक्रमण ने फिर पकड़ी रफ्तार, 24 घंटे में COVID-19 के 14,989 नए केस आए

बता दें क‍ि  पहले इस झील से खतरा बताया गया था, लेकिन कल सोमवार को केंद्रीय गृह मंत्रालय ने बयान में बताया कि जल के प्रवाह को और बढ़ाने तथा कुछ अवरोधकों को हटाने से जुड़े काम की समीक्षा की गई है. Also Read - Uttarakhand में फिर इस तरह हुआ भूस्‍खलन, सामने आया पहाड़ टूटने का ये वीडियो

भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) के जवानों ने SDRF और अन्य संगठनों के साथ मिलकर उत्तराखंड के चमोली में ऋषि गंगा में बनी झील के प्रवाह को चौड़ा करने के लिए काम कर रहे हैं. इससे झील से पानी छोड़ने की मात्रा में वृद्धि हुई है. यह बात आईटीबीपी की ओर से एक बयान में कही गई है. Also Read - Haiti में जेल से भागे 400 कैदी, फायरिंग में 25 लोगों की मौत

70 शव मिल चुके हैं और 29 बॉडी पार्ट भी मिले हैं
बता दें कि इस हादसे में कुल 204 लोग गायब हुए, जिनमें 192 लोग दोनों पावर प्रोजेक्ट पर काम कर रहे थे और 12 लोग आसपास के गांवों के थे. इनमें से अभी तक 70 शव मिल चुके हैं और 29 बॉडी पार्ट भी मिले हैं. यह बात उत्तराखंड के डीजीपी अशोक कुमार ने बयान दिया है.

 उपग्रह से मिले डाटा से पता चला है कि फिलहाल कोई खतरा नहीं
बैठक में वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए जुड़े उत्तराखंड के मुख्य सचिव ने बताया कि विभिन्न वैज्ञानिक एजेंसियों द्वारा स्थल पर कृत्रिम झील के संबंध में विश्लेषण और उपग्रह से मिले डाटा के आधार पर पता चला है कि फिलहाल कोई खतरा नहीं है, क्योंकि जलस्तर अनुमान से कम है और यह पानी पुरानी धारा से बह रहा है.

लगातार हालात की निगरानी करने को कहा गया
केंद्रीय गृह सचिव ने अस्थायी अवरोधक के कारण बनी स्थिति के अनुरूप जरूरत पड़ने पर तथा राज्य सरकार को केंद्रीय एजेंसियों से मदद जारी रखने का आश्वासन दिया. रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (डीआरडीओ) के सचिव और राज्य सरकार को केंद्र और राज्य की एजेंसियों के साथ लगातार हालात की निगरानी करने को कहा गया है.