देश में नोटबंदी के बाद जहां एक तरफ लोगो को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं दूसरी तरफ अब इसका फायदा भी नजर आने लगा है। दरअसल केंद्र सरकार का यह निर्णय और डिजिटल पेमेंट को बढ़ाने की कवायद करदाताओं के लिए फायदेमंद साबित हो सकती है। बता दें कि वित्त मंत्री अरुण जेटली ने संकेत दिया कि इससे प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष कर की दरें घटेंगी।

बता दें कि बैंकिंग सिस्टम में बेहिसाबी पैसे पर भारी टैक्स वसूला जाएगा, इसलिए ऐसा संभव होगा। जिससे प्रत्यक्ष और परोक्ष करों की दरें नीचे आ सकती हैं। वहीँ देश के अंदर मिलने वाले अवैध तरीके से पैसो पर अरुण जेटली ने कहा की सरकार की नजर सभी पर है और जो भी दोषी पकड़ा जाएगा उसको इसकी कीमत चुकानी पड़ेगीजिससे प्रत्यक्ष और परोक्ष करों की दरें नीचे आ सकती हैं। अरुण जेटली ने कहा खातें मे अधिक रकम जमा किया जाता है तो उसका हिसाब उन्हें देना पड़ेगा। यह भी पढ़ें: जल्द ही 2000 रुपये का नोट हो जाएगा बंद ?

अरुण जेटली ने कहा की सरकार नकदी से लेनदेन कम करने के लिए डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा दे रही है। इसका परिणाम यह होगा की भविष्य में देश में डिजिटल के माध्यम से भुगतान करने वाले लोगो की संख्या बढ़ेगी। सीमा से अधिक नकदी से लेनदेन के लिए पैन की अनिवार्यता से भी समाज में भ्रष्टाचार कम होगा। साथ ही बैंकों के पास काफी नकदी होगी, जिससे वे कम लागत पर कर्ज दे सकेंगे और अर्थव्यवस्था को मदद कर सकेंगे। जेटली ने कहा, इससे समाज में नकदी लेन-देन कम होगा और जहां तक टैक्‍स का सवाल है, चोरी कम होगी।