रांची. राजद अध्यक्ष और चारा घोटाला मामले के दोषी लालू प्रसाद यादव ने उन्हें मिली अस्थायी जमानत की अवधि खत्म होने के बाद आज यहां सीबीआई की एक विशेष अदालत के समक्ष आत्मसमर्पण किया. झारखंड उच्च न्यायालय ने प्रसाद को 30 अगस्त तक सीबीआई अदालत के समक्ष आत्मसमर्पण करने का निर्देश दिया था. वह कल पटना से यहां पहुंचे थे. न्यायाधीश एस एस प्रसाद के समक्ष उनके आत्मसमर्पण के बाद राजद प्रमुख के वकील प्रभात कुमार ने कहा कि उनके मुवक्किल कई बीमारियों से पीड़ित हैं. Also Read - चारा घोटाला मामले में लालू को उनकी जमानत के खिलाफ सीबीआई की याचिका पर नोटिस

इसपर न्यायाधीश ने बिरसा मुंडा जेल के डॉक्टरों से कहा कि वह पहले प्रसाद का इलाज कर चुके अन्य डॉक्टरों से इसपर परामर्श करें. न्यायाधीश ने यह भी कहा कि लालू यहां राजेंद्र इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस (रिम्स) में डॉक्टर उमेश प्रसाद से इलाज करवा सकते हैँ. चारा घोटाला मामले में दोषी प्रसाद को झारखंड उच्च न्यायालय ने बेटे के विवाह और स्वास्थ्य कारणों से अस्थाई जमानत दी थी. Also Read - बिहार: चुनाव से पहले फील्डिंग शुरू की राजनीतिक पार्टियां, पोस्टर के जरिए लालू को बताया ठग्स ऑफ बिहार

100 दिन बाद फिर गए जेल
चारा घोटाला मामले के दोषी राष्ट्रीय जनता दल के प्रमुख लालू प्रसाद ने अंतरिम जमानत अवधि समाप्त होने के बाद आज सीबीआई अदालत के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया। अदालत ने उन्हें करीब 100 दिन के बाद वापस बिरसा मुंडा जेल भेज दिया है.
राजद प्रमुख के अधिवक्ताओं ने लालू को इलाज के लिए रिम्स अस्पताल में भर्ती कराने का अनुरोध किया जिसके बाद अदालतों ने जेल प्रशासन को प्रसाद के स्वास्थ्य का उचित ख्याल रखना का निर्देश दिया.

जेल के चिकित्सक करेंगे जांच
प्रसाद के अधिवक्ता प्रभात कुमार ने बताया कि जेल के चिकित्सक उनके स्वास्थ्य की जांच करेंगे. उनकी बीमारियों की जांच के लिए रिम्स के चिकित्सकों का बोर्ड बनाया जा सकता है और इस मेडिकल बोर्ड की अनुशंसा के आधार पर प्रसाद को जल्द ही वापस रिम्स अस्पताल में भर्ती कराया जा सकता है। लेकिन फिलहाल वह जेल में ही रहेंगे. झारखंड उच्च न्यायालय ने 24 अगस्त के अपने आदेश में प्रसाद को कहा था कि वह 30 अगस्त तक सीबीआई की विशेष अदालत में आत्मसमर्पण करें. इससे पहले अदालत ने राष्ट्रीय जनता दल प्रमुख की चारा घोटाले के देवघर कोषागार समेत सभी तीन मामलों में स्वास्थ्य कारणों से दी गयी अंतरिम जमानत की अवधि को आगे बढ़ाने से इनकार कर दिया था.

रिम्स अस्पताल में होगा इलाज
अदालत ने कहा था कि आवश्यक होने पर अब प्रसाद का यहां रिम्स अस्पताल में इलाज होगा. न्यायमूर्ति अपरेश कुमार सिंह की पीठ ने इस मामले की सुनवाई करते हुए लालू के अधिवक्ताओं की अंतरिम जमानत अवधि बढ़ाने की दलील को 24 अगस्त को अस्वीकार कर दिया था. अदालत ने प्रसाद को आत्मसमर्पण के लिए 30 अगस्त तक का समय दिया था.