रांची. चारा घोटाला मामले के देवघर ट्रेजरी मामले में दायर लालू प्रसाद यादव की जमानत याचिका को झारखंड हाई कोर्ट ने खारिज कर दिया है. लालू यादव को इस मामले में सीबीआई कोर्ट ने साढ़े 3 साल की सजा सुनाई हुई है. करीब एक हफ्ते पहले झारखंड हाई कोर्ट ने चारा घोटाले के एक मामले में सजायाफ्ता बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जगन्नाथ मिश्रा को इलाज के लिए 4 सप्ताह की अस्थाई जमानत दे दी थी.

न्यायमूर्ति अपरेश कुमार सिंह की पीठ ने चारा घोटाले में चाईबासा कोषागार से फर्जी ढंग से धन निकालने के मामले में निचली अदालत से दोषी ठहराए गए और जेल में बंद बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जगन्नाथ मिश्रा को कैंसर के इलाज के लिए 15 मार्च तक अस्थाई जमानत दे दी थी. न्यायमूर्ति अपरेश कुमार की पीठ को पूर्व मुख्यमंत्री के वकील ने बताया कि मिश्रा का हरियाणा के गुड़गांव स्थित मेदांदा अस्पताल में कैंसर का इलाज चल रहा है और यह इलाज रांची में राजेन्द्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स) में संभव नहीं है.

इस मामले में रिम्स के चिकित्सकों के दल ने अपनी रिपोर्ट में मिश्रा की बीमारी की पुष्टि की और बताया कि इसका इलाज यहां संभव नहीं है. रिम्स के चिकित्सा अधीक्षक ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि मिश्रा को विशिष्ट कीमोथेरेपी की आवश्यकता है जो उन्हें यहां नहीं दी जा सकती है. इसके बाद न्यायालय ने इलाज के लिए मिश्रा को अस्थाई जमानत देने का फैसला किया और उन्हें 16 मार्च या उसके पहले ही अदालत के समक्ष आत्मसमर्पण करने के निर्देश दिये.

यहां बिरसा मुंडा जेल में बंद बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री मिश्रा, पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव, जगदीश शर्मा, आर के राणा, विद्या सागर निषाद समेत 50 लोगों को 24 जनवरी को सीबीआई की विशेष अदालत ने चारा घोटाले के चाईबासा कोषागार से 37 करोड़ 62 लाख रुपये का गबन करने के मामले में दोषी करार देते हुए पांच वर्ष की कैद की सजा सुनायी थी. इससे पूर्व चारा घोटाले के देवघर कोषागार से अवैध निकासी के मामले में निचली अदालत ने पिछले वर्ष 23 दिसंबर को मिश्रा को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया था.

(पीटीआई से प्राप्त जानकारी के साथ)