रांची: झारखंड उच्च न्यायालय में बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद को चारा घोटाले के देवघर कोषागार से फर्जी निकासी के मामले में जमानत याचिका पर शुक्रवार को भी कोई राहत नहीं मिली. अदालत ने इस मामले में सीबीआई से लालू प्रसाद की मेडिकल रिपोर्ट चार मई को अदालत में पेश करने का निर्देश दिया है. इस संबंध में अदालत ने लालू की जमानत याचिका इससे पहले 23 फरवरी को खारिज करते हुए कहा था कि उनके खिलाफ आपराधिक मामलों की गंभीरता को देखते हुए इस मामले में उन्हें जमानत नहीं दी जा सकती है.

अदालत में लालू को मेडिकल आधार पर अंतरिम जमानत देने की याचिका दायर की गई थी जो न्यायमूर्ति अपरेश सिंह की पीठ के सामने शुक्रवार को सुनवाई के लिए आई. अदालत ने लालू के अधिवक्ताओं की तमाम कोशिशों के बावजूद शुक्रवार को उन्हें अंतरिम जमानत देने से इनकार कर दिया और सीबीआई को निर्देश दिया कि वह बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री की अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) से मेडिकल रिपोर्ट लेकर न्यायालय में पेश करें जिससे उनके स्वास्थ्य की स्थिति पता चल सके.

न्यायालय ने मामले की सुनवाई के लिए चार मई की अगली तिथि निर्धारित की है. लालू के अधिवक्ता प्रभात कुमार ने बताया कि उन्होंने अदालत में चाईबासा एवं दुमका कोषागार मामलों में भी अंतरिम जमानत की याचिकाएं दायर की हैं लेकिन शुक्रवार को अदालत में उनमें से किसी पर सुनवाई नहीं हुई. दुमका कोषागार मामले में चौदह वर्ष की कैद की सजा सुनाए जाने के बाद से लालू स्थानीय रिम्स अस्पताल से दिल्ली स्थित एम्स में इलाज के लिए चले गए हैं और वहां पिछले दो सप्ताह से अधिक समय से भर्ती हैं.

(इनपुट: एजेंसी)