कोलकाताः पश्चिम बंगाल के लोगों ने तब राहत की सांस ली जब चक्रवात फोनी शनिवार की सुबह कमजोर पड़ गया. अब यह पड़ोसी बांग्लादेश की ओर बढ़ रहा है. क्षेत्रीय मौसम केंद्र के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि शहर में रात में 30-40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं और मध्यम से भारी बारिश हुई. अधिकारी ने बताया कि चक्रवात जिन जिलों से गुजरा, वहां किसी के हताहत होने या किसी बड़ी क्षति की कोई खबर नहीं है. उन्होंने कहा, ‘‘ फोनी के लगातार उत्तर-पूर्वोत्तर की ओर बढ़ने की संभावना है और यह अगले छह घंटे में कमजोर हो जाएगा.’’

क्षेत्रीय मौसम केंद्र के उपमहानिदेशक संजीब बंदोपाध्याय ने बताया कि ऐसी संभावना है कि 50-60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार और गहरे दबाव के साथ यह दोपहर तक बांग्लादेश पहुंच जाएगा. पश्चिम बंगाल पहुंचने से पहले ओडिशा तट पर यह बेहद भयानक चक्रवात कमजोर होकर भयानक चक्रवात में बदल गया था. यह उत्तर- पूर्वोत्तर की ओर बढ़ते हुए पश्चिमी मिदनापुर के खड़गपुर से होते हुए बीती रात 12 बजकर 30 मिनट पर पश्चिम बंगाल में दाखिल हुआ.

बंदोपाध्याय ने बताया कि इसके बाद चक्रवात हुगली के आरामबाग पहुंचा और अब यह मुर्शिदाबाद जिले की ओर बढ़ रहा है. उन्होंने कहा कि एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया है कि कुछ कच्चे घर और पेड़ गिरे हैं, लेकिन किसी भी जिले से किसी के हताहत होने की खबर नहीं है. हालांकि अभी और जानकारी की प्रतीक्षा की जा रही है.

भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण के एक अधिकारी ने बताया कि इस बीच कोलकाता हवाईअड्डे पर शनिवार सुबह 9 बजकर 57 मिनट पर विमानों का परिचालन शुरू कर दिया गया. शुक्रवार को अपराह्न तीन बजे विमानों का परिचालन रोक दिया गया था. अधिकारियों ने बताया कि सियालदह और हावड़ा क्षेत्र में ट्रेनों का परिचालन भी सामान्य हो रहा है.