Zomato-Swiggy से खाना मंगवाना हुआ महंगा, प्लेटफॉर्म फीस में की इतनी बढ़ोतरी

Zomato Platform Fee Hike: त्यौहारों के बीच जोमैटो और स्विगी दोनों ने प्लेटफॉर्म शुल्क बढ़ा दिया है. जिसके बाद फूड लवर्स नाराज हो गए हैं.

Written by: Gaurav Barar
Published: October 24, 2024, 11:26 AM IST

Zomato-Swiggy Platform Fee Hike: फूड डिलीवरी कंपनी जोमैटो और स्विगी ने प्लेटफॉर्म फीस में बढ़ोतरी कर दी है. जिसके बाद अब इन प्लेटफॉर्म से खाना मंगवाना पहले के मुकाबले ज्यादा महंगा हो गया है. जोमैटो और स्विगी, दोनों ने ही प्लेटफॉर्म फीस बढ़ाकर 10 रुपये कर दी है.

देश के ये दो प्रमुख फूड डिलीवरी ऐप त्योहारी सीजन के दौरान ऑर्डर में बढ़ोतरी से लाभ कमाने की उम्मीद कर रहे हैं, लेकिन प्लेटफॉर्म शुल्क बढ़ाने का फैसला ग्राहकों को रास नहीं आया. जोमैटो ने अगस्त 2023 में प्लेटफॉर्म शुल्क पेश किया, जिसके तहत प्रति ऑर्डर 2 रुपये का शुल्क लिया जाता था.

जोमैटो-स्विगी से खाना मंगवाना हुआ महंगा

जोमैटो ने बाद में प्लेटफॉर्म शुल्क बढ़ाकर 6-7 रुपये प्रति ऑर्डर कर दिया था. जबकि स्विगी के 7 रुपये ले रहा था. जोमैटो ने अस्थायी रूप से प्लेटफॉर्म शुल्क बढ़ाया है. जैसा कि जोमैटो ऐप पर संदेश में कहा गया है कि शुल्क में वृद्धि “त्योहारों की भीड़ के दौरान सेवाओं को बनाए रखने के लिए है.” हालांकि, स्विगी ऐप पर ऐसा कोई स्पष्टीकरण या अधिसूचना नहीं है, इसलिए यह संभावना है कि स्विगी पर प्लेटफॉर्म शुल्क वृद्धि स्थायी है.

प्लेटफॉर्म शुल्क पर लगता है GST भी

प्लेटफॉर्म शुल्क सभी ग्राहकों, यहां तक कि गोल्ड सदस्यों पर भी लागू होता है, और यह जोमैटो द्वारा लिए जाने वाले डिलीवरी शुल्क के अतिरिक्त है. प्लेटफॉर्म शुल्क पर 18% का जीएसटी भी लगता है, जो 10 रुपये के शुल्क में शामिल नहीं है. इसका मतलब है कि जोमैटो के ग्राहक प्रत्येक ऑर्डर पर कर सहित प्लेटफॉर्म शुल्क के रूप में 11.80 रुपये का भुगतान करेंगे.

स्विगी ने सबसे पहले की थी बढ़ोतरी

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, इस क्षेत्र पर नजर रखने वाले लोगों के अनुसार, ये प्लेटफॉर्म प्रतिदिन 2-2.5 मिलियन फूड-डिलीवरी ऑर्डर वितरित करते हैं और प्लेटफॉर्म शुल्क में किसी भी वृद्धि से उनके राजस्व में सुधार होता है. स्विगी ने सबसे पहले प्लैटफॉर्म शुल्क लेना शुरू किया था.

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर प्लेटफॉर्म शुल्क बढ़ाना नाराजगी का विषय बन गया. कई एक्स यूजर ने बताया कि कैसे खाद्य वितरण शुल्क लगातार बढ़ रहे हैं और कैसे ऑर्डर करना इतना महंगा हो गया है कि उसे वहन नहीं किया जा सकता. एक यूजर ने लिखा, ‘फूड ऑर्डरिंग की शुरुआत मुफ्त डिलीवरी से हुई थी, अब जीएसटी, डिलीवरी और पैकिंग शुल्क, प्लेटफॉर्म शुल्क भी लगता है.’

Add India.com as a Preferred Source Add India.com as a Preferred Source

ब्रेकिंग न्यूज और लाइव न्यूज अपडेट के लिए हमें फेसबुक पर लाइक करें या ट्विटर पर फॉलो करें. India.Com पर विस्तार से पढ़ें Business Hindi की और अन्य ताजा-तरीन खबरें

By clicking “Accept All Cookies”, you agree to the storing of cookies on your device to enhance site navigation, analyze site usage, and assist in our marketing efforts Cookies Policy.