नई दिल्ली: लद्दाख की गलवान घाटी में चीनी सैनिकों से झड़प में शहीद हुए 20 भारतीय सैनिकों के शहीद होने के बाद दोनों देश एक दूसरे से बात कर रहे हैं. भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने चीन के विदेश मंत्री वांग यी से फ़ोन पर बात की. दोनों विदेश मंत्रियों ने तब बात की, जब दोनों देशों के बीच तनाव व्याप्त है. Also Read - India-China Border Issue: NSA अजित डोभाल ने संभाला मोर्चा तो पीछे हटी चीनी सेना! कल चीन के विदेश मंत्री से की थी बात

भारतीय विदेश मंत्री ने चीन के विदेश मंत्री से गलवान घाटी में जो कुछ हुआ, उस पर चर्चा की है. घाटी के मौजूदा हालात पर चर्चा की गई. हालाँकि दोनों के बीच क्या बातचीत हुई, अब तक ये पता नहीं लग पाया है. इससे पहले चीन के विदेश मंत्री ने बयान दिया था की हम भारत से सीमा विवाद हल करना चाहते हैं. भारत उन सैनिकों पर कार्रवाई करे, जो इस हिंसा के लिए जिम्मेदार हैं. न्यूज़ एजेंसी एएनआई ने रायटर्स के हवाले से खबर दी है. इस खबर के अनुसार, चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने ये बयान दिया है. इस बयान के अनुसार चीन अब और विवाद नहीं चाहता है. Also Read - 30,000 भारतीय सैनिक एलएसी पर चीनी सैनिकों के सामने डटे, SU-30, Mig-29 फाइटर्स भी तैयार

बता दें की लद्दाख कि गलवान घाटी में हुई इस झड़प और हिंसा में 20 भारतीय सैनिकों की जान गई है. भारत के 20 सैनिक शहीद हुए हैं. इस पर भारत ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है. पीएम मोदी ने कहा की हम शांति चाहते हैं, लेकिन अगर कोई उकसायेगा तो हम जवाब देने में सक्षम हैं. पीएम ने वीडियो में कहा कि भारत शांति चाहता है. Also Read - गलवान घाटी में 1-2 किमी तक पीछे हटे चीनी सैनिक, हथियारों से लैस गाड़ियां अब भी LAC के पास मौजूद

पीएम ने कहा था की भारत उकसाने पर हर हाल में यथोचित जवाब देने में सक्षम है. हमारे शहीद जवान के विषय में देश को इस बात का गर्व होगा कि वे मारते-मारते मरे हैं. बता दें कि इस संदेश के जरिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी साफ शब्दों में बता चुके हैं कि भारत अपनी संप्रभुता की रक्षा करने में सक्षम है.