नई दिल्ली: विदेश मंत्री एस जयशंकर ने रविवार को कहा कि कोरोना वायरस के मद्देनजर ईरान में फंसे भारतीय नागरिकों को वापस लाने के लिए जांच प्रकिया स्थापित करने के वास्ते सरकार ईरानी अधिकारियों के साथ मिल कर काम कर रही है. जयशंकर का यह बयान ऐसे वक्त आया जब केरल के मुख्यमंत्री तथा कांग्रेस नेता शशि थरूर सहित अनेक लोगों ने ईरान में भारतीय नागरिकों के फंसे होने पर सरकार से हस्तक्षेप की अपील की. Also Read - विदेश से आने वाले भारतीयों को अब 7 दिन रहना होगा क्वारंटाइन, वापस किए जाएंगे बचे हुए पैसे

जयशंकर ने ट्वीट किया,‘‘सीओवीआईडी 19 के कारण लौटने के इच्छुक भारतीयों के मुद्दे पर काम कर रहे हैं. इस संबंध में कई ट्वीट मिले हैं. हम भारतीयों की वापसी के लिए जांच प्रक्रिया स्थापित करने के वास्ते ईरानी अधिकारियों के साथ समन्वय में हैं.’’ कांग्रेस नेता शशि थरूर ने विदेश मंत्री एस जयशंकर से कोरोना वायरस के कारण ईरान में फंसे केरल के मछुआरों के मुद्दे पर जल्द कार्रवाई करने और उन्हें लाने के लिए ईरानी अधिकारियों के साथ सभी माध्यमों की तलाश करने की अपील की. Also Read - छत्तीसगढ़ में Coronavirus के 15 नए केस, कुल आंकड़ा, 307 लेकिन कोई भी मौत नहीं


इससे पहले विदेश राज्य मंत्री वी मुरलीधरन ने रविवार को कहा कि सरकार को कोरोना वायरस के कारण मछुआरों समेत भारतीयों के ईरान में फंसे होने की रिपोर्ट मिली है और तेहरान में दूतावास इस मुद्दे पर स्थानीय अधिकारियों के संपर्क में हैं. ईरान में भारत के राजदूत जी. धर्मेन्द्र ने शनिवार को कहा था कि स्वदेश जाने की इच्छा रखने वाले भारतीयों की वापसी के लिए अधिकारी काम कर रहे हैं और ईरानी अधिकारियों के साथ चर्चा चल रही है. जम्मू कश्मीर में कई नेताओं ने केन्द्र से ईरान में फंसे केन्द्र शासित प्रदेश के छात्रों समेत लोगों को निकाले जाने की अपील की है.

ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने रविवार को बताया कि कोरोना वायरस के कारण 11 और लोगों की मौत हो गई और इससे संक्रमण के 385 और मामले सामने आये हैं जिससे इससे मरने वालों की संख्या यहां बढ़कर 54 और संक्रमित लोगों की संख्या 978 पहुंच गई है. इससे पूर्व तेहरान में भारतीय दूतावास ने वहां रह रहे भारतीय नागरिकों के लिए परामर्श जारी किया था और कहा था कि वे स्थिति पर करीबी नजर बनाए हुए हैं. भारत ने भी 26 फरवरी को यात्रा परामर्श जारी किया था और कोरोना वायरस के कारण ईरान की गैर-जरूरी यात्रा से बचने की सलाह दी थी.