नई दिल्ली: पूर्व थल सेना प्रमुख जनरल जे.जे. सिंह ने शिरोमणि अकाली दल के नेतृत्व से ‘मोहभंग’ के चलते बुधवार को पार्टी से इस्तीफा दे दिया. अरुणाचल प्रदेश के राज्यपाल रहे जे.जे सिंह 2017 की शुरुआत में पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले शिअद में शामिल हुए थे. उन्होंने पटियाला विधानसभा सीट से कैप्टन अमरिंदर सिंह के खिलाफ चुनाव लड़ा था, लेकिन उन्हें शिकस्त का सामना करना पड़ा था.

जे.जे सिंह ने इस्तीफे के लिए व्यक्तिगत कारणों का हवाला देते हुए कहा कि वह पिछले कुछ सालों से अकाली दल के नेतृत्व के कामकाज से नाखुश थे. पंजाब के लोगों को लिखे एक खुले पत्र में जे जे सिंह ने कहा, ‘‘मैंने भरे दिल से 11 दिसंबर 2018 को शिरोमणि अकाली दल और शिअद की पूर्व-सैनिक शाखा के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया है.’’ उन्होंने कहा, ‘‘ मैं पिछले कुछ सालों से शिअद नेतृत्व से नाखुश हूं. इनमें वे मामले भी शामिल हैं जिन्हें सोशल मीडिया, टीवी चैनलों, विभिन्न प्रदर्शनों, मोर्चों और विरोध मार्चों में उठाया गया है.’’

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सेना प्रमुख बनने वाले जे.जे सिंह पहले सिख हैं. उन्होंने कहा कि वह सेना प्रमुख के तौर पर लगभग तीन साल और अरुणाचल प्रदेश के राज्यपाल के तौर पर साढ़े पांच साल के ‘बहुत संतुष्ट कार्यकाल’ के बाद वह लोगों की सेवा करने के लिए सक्रिय राजनीति में आए थे. खुले पत्र में जे.जे सिंह ने कहा, ‘‘आज, मैं मायूस हूं. खासतौर पर उन चीजों से जो मैंने 2016 से पंजाब में देखी हैं. लोगों की सेवा करने का मेरा मिशन इस फैसले से प्रभावित नहीं होगा.’’

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शिअद प्रमुख सुखबीर सिंह बादल को भेजे अपने इस्तीफे में जे.जे सिंह ने कहा कि वह व्यक्तिगत कारणों से पार्टी से इस्तीफा दे रहे हैं. भविष्य की रणनीति पर किए गए सवाल पर उन्होंने कहा कि वह लोगों की सेवा करना चाहते हैं और उन्होंने अपने राजनीतिक विकल्प खुले रखे हैं.