नई दिल्ली. सेना के दो पूर्व कमांडरों ने कहा है कि चीन के कदमों से ऐसा लगता है कि भविष्य में डोकलाम जैसी और घटनाएं हो सकती हैं. इससे निपटने की तैयारी के लिए भारतीय सेना को प्रभावित सीमावर्ती क्षेत्रों में आधारभूत संरचना बनाने की आवश्यकता है.Also Read - World News: राष्ट्रपति रहते पहली बार Tibet पहुंचे Xi Jinping, अधिकारियों ने ड्रोन और पतंग उड़ाने पर लगाया बैन

डोकलाम में भारत और चीन के बीच गतिरोध के दौरान सेना के पूर्वी कमांड का नेतृत्त्व करने वाले लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) प्रवीण बख्शी ने कहा कि वह सरकार के आभारी हैं क्योंकि सरकार ने उन्हें इसे लेकर कदम उठाने की पूरी स्वतंत्रता दी थी जो चीनी सैनिकों को रोकने के लिए उचित कदम रहा. इंडिया इंटरनेशनल सेंटर में ‘डोकलाम रीविजिटेड’ नामक विषय पर संगोष्ठी के दौरान उन्होंने यह बात कही. Also Read - East Ladakh standoff: भारत-चीन में बनी सहमति, बातचीत होने तक LAC पर नहीं होगी कोई भिड़ंत; यहां देखें पूरी डिटेल

एक समान पैटर्न
पूर्व उत्तरी सैन्य कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल डीएस हुड्डा (सेवानिवृत्त) ने पिछले कुछ सालों में भारत और चीन सैनिकों के बीच डोकलाम, चुमार और डेमचोक गतिरोध के बारे में बात करते हुये कहा कि तीनों घटनाएं अलग-अलग हैं. उनके पीछे का मकसद भी अलग-अलग हो सकता है. लेकिन इन सबसे एक समान पैटर्न उभर कर निकला है. Also Read - भारत ने चीन से कहा, 'हमारे नागरिकों को अपने देश की यात्रा करने की इजाजत दें'

4057 किमी अंदर घुसे चीनी सैनिक
बता दें कि हाल ही में चीन ने एक बार फिर भारत सीमा के अंदर घुसने की कोशिश की है. रिपोर्ट के मुताबिक, चीनी सैनिक 4057 किमी लंबे लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल (LAC) में लद्दाख सीमा के 400 मीटर अंदर घुस गए हैं. रिपोर्ट के मुताबिक, चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) ने पूर्वी लद्दाख के देमचक सेक्टर में 5 टेंट गाड़ दिए हैं. हालांकि, ये दावा किया जा रहा है कि सोमवार को ही इसमें से तीन टेंट को चेद्रांग-नेरलांग नल्लन एरिया से हटा दिया गया है. लेकिन, दो टेंट अब भी इसी क्षेत्र में लगे हुए हैं. बता दें लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल के किनारे पर डेमचक 23 विवादित और संवेदनशील जगहों में से एक जगह है. वहीं, लद्दाख में दूसरे विवादित इलाके ट्रिग हाइट, डमचेले, चुमार, स्पंगूर गैप और पंगोंग है.

170 बार सीमा शर्तों का उल्लंघन
रिपोर्ट के मुताबिक, इस साल चीनी सेना ने 170 बार सीमा शर्तों का उल्लंघन किया है. पिछले साल यह संख्या 426 थी. वहीं, साल 2016 में संख्या 273 थी. पिछले साल जून महीने में ही चीन ने भारत-तीबत सीमा पर मौसम विभाग का एक स्टेशन तैयार कर दिया था. इसके बाद दोनों देशों के सैनिकों में गतिरोध हुआ था. पिछले महीने ही विदेश राज्यमंत्री वीके सिंह ने कहा था कि डोकलाम में जहां पिछले साल विवाद हुआ था वहां किसी तरह की घटना देखने को नहीं मिली है. पिछले साल अगस्त में ही भारत और चीन ने अपने 73 दिन के गतिरोध को खत्म किया था.