नई दिल्ली: पूरे देश में इस समय नागरिकता विधेयक के विरोध में प्रदर्शन हो रहे हैं. जामिया मिल्लिया इस्लामिया से शुरू हुआ यह प्रोटेस्ट अब दुनिया के सामने चर्चा का एक विषय बन गया है. देश-विदेश में इस एक्ट के खिलाफ लोग अपनी आवाज उठा रहे हैं. बॉलीवुड से लेकर राजनीति की गलियारों से कई नामचीन हस्तियों ने इसके खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया है. अब इसी सिलसिले में असम के पूर्व मुख्यमंत्री तरुण गोगोई का नाम भी शामिल हो गया है.

नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) की संवैधानिक वैद्यता को चुनौती देने के लिए तीन दशक बाद जबमुख्यमंत्री तरुण गोगोई ने वकील की पोशाक पहनी तो हर कोई चकित रह गया. गोगोई सीएए को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट में वकील के तौर पर मौजूद रहे. कांग्रेस नेता ने मामले में पी.चिदंबरम का सहयोग किया.

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बुधवार को उनके बेटे व कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने ट्वीट किया, “मेरे पिता और असम के तीन बार के मुख्यमंत्री तरुण गोगोई ने सुप्रीम कोर्ट में सीएए के खिलाफ अपना मामला दायर करने के लिए वकील का पोशाक पहनी है.”

सीएए के खिलाफ असम में चल रहे विरोध प्रदर्शन में चार लोगों की जान गई है. गोगोई पिछली बार 1983 में अदालत में पेश हुए थे. रोचक है कि उन्होंने कांग्रेस के नेतृत्व वाले संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (यूपीए) के सत्ता में रहने के दौरान राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) की वकालत और इसकी शुरुआत की थी. वह पिछले चुनाव में भाजपा से हार गए.