पूर्व बीजेपी सांसद चंदन मित्रा समेत कांग्रेस के 4 एमएलए टीएमसी में शामिल

पश्चिम बंगाल में तृणमूल की सुप्रीमो ममता बनर्जी की ताकत और बढ़ी

Published date india.com Updated: July 21, 2018 3:03 PM IST
पूर्व बीजेपी सांसद चंदन मित्रा समेत कांग्रेस के 4 एमएलए टीएमसी में शामिल
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की मौजूदगी में शनिवार को भाजपा के पूर्व राज्यसभा सदस्य चंदन मित्रा और पश्चिम बंगाल विधानसभा के चार कांग्रेसी विधायक सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस में शामिल हो गए.

कोलकाता: बीजेपी छोड़ चुके पूर्व सांसद चंदन मित्रा ने आखिर तृणमूल कांग्रेस का दामन थाम लिया, वहीं, पश्चिम बंगाल में कांग्रेस के चार विधायकों ने भी पार्टी छोड़कर ममता बनर्जी की पार्टी टीएमसी में शनिवार को शामिल हो गए. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की मौजूदगी में शनिवार को भाजपा के पूर्व राज्यसभा सदस्य चंदन मित्रा और पश्चिम बंगाल विधानसभा के चार कांग्रेसी विधायक सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस में शामिल हो गए. कांग्रेस विधायक समर मुखर्जी, अबु ताहिर, सबीना यास्मीन और अखरूजमां तृणमूल कांग्रेस में शामिल हो गए. चंदन मित्रा ने कुछ दिन पहले ही बीजेपी से इस्तीफा दिया था.

पूर्व बीजेपी सांसद समेत पश्चिम बंगाल में कांग्रेस के चार विधायकों ने तृणमूल कांग्रेस की सालाना शहीद दिवस रैली के दौरान शनिवार को पार्टी में शामिल हुए. बता दें कि चंदनमित्रा की राज्यसभा सदस्यता 2016 में समाप्त हुई है और उन्होंने बीती 17 जुलाई को बीजेपी की सदस्यता से भी इस्तीफा दे दिया. डीएनए न्यूजपेपर की खबर में कहा गया था कि भाजपा छोड़ने के बाद चंदन मित्रा के तृणमूल कांग्रेस ज्वाइन सकते हैं.

भाजपा छोड़ने के बाद तृणमूल कांग्रेस में जा सकते हैं चंदन मित्रा

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लालकृष्ण आडवाणी के करीबी रहे हैं मित्रा

अंग्रेजी पायनियर अखबार के प्रबंध निदेशक और संपादक, मित्रा को बीजेपी के सीनियर नेता लालकृष्ण आडवाणी का करीबी माना जाता है. विभिन्न मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, यही वजह थी कि वर्तमान भाजपा नेतृत्व के साथ उनका सामजस्य नहीं बन सका. वहीं, पिछले दिनों यूपी में हुए कैराना लोकसभा के उपचुनाव में भाजपा की हार के बाद चंदन मित्रा का पार्टी विरोधी बयान भी, उनके इस्तीफे की वजहों में से एक माना जा रहा था. तृणमूल कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने डीएनए को बताया था, ‘चंदन मित्रा को भाजपा के पुराने दिनों का नेता कहा जाता है. इसी वजह से पार्टी की नई ब्रिगेड में उनको तवज्जो नहीं मिल रही थी. यही कारण हैं कि मित्रा ने भाजपा को अलविदा कह दिया.’

दो बार राज्‍यसभा सांसद रहे चंदन मित्रा छोड़ सकते हैं बीजेपी का साथ, इस्‍तीफा देने की चर्चा

कैराना की हार पर  बीजेपी को चेताया था

चंदन मित्रा ने यूपी में कैराना लोकसभा उपचुनाव में बीजेपी की हार पर तीखी टिप्पणी की थी. चंदन मित्रा ने कहा था कि पार्टी ने गन्‍ना किसानों की समस्याओं की ओर ध्‍यान नहीं दिया. इसी कारण उसे चुनाव में नुकसान उठाना पड़ा. उपचुनाव में मिली हार को भाजपा के लिए बड़ा झटका बताते हुए उन्‍होंने कहा था कि अगर विपक्ष इसी प्रकार एकजुट होता रहा तो वर्ष 2019 में होने वाले लोकसभा चुनाव में बीजेपी की वापसी आसान नहीं होगी. उन्होंने इसे ‘सीरियस सेटबैक’ बताया था. मित्रा का ऐसा बयान आने के बाद ही बीजेपी में अंदर से उनके खिलाफ विरोध नजर आने लगा था.

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