श्रीनगर: कश्मीर के पांच राजनेताओं को पांच महीने बाद नजरबंदी से रिहा किए जाने के कुछ दिनों बाद, पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती की बेटी इल्तिजा मुफ्ती ने गुरुवार को कहा कि अधिकारियों ने उन्हें दादा की कब्र पर जाने से रोकने के लिए यहां गुप्कर रोड स्थित उनके आवास से उनके बाहर जाने पर रोक लगा दी है.

इल्तिजा ने बताया कि मैं सात जनवरी को अपने दादा की चौथी पुण्यतिथि पर उनकी कब्र पर जाना चाहती थी. उन्होंने कहा कि मैंने अपने निजी सुरक्षा अधिकारी और ड्राइवर को अधिकारियों से अनुमति लेने के लिए भेजा था, लेकिन उन्होंने इनकार कर दिया. पूर्व मंत्री व नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता अली मुहम्मद सागर और उनके बेटे को सागर के ससुर के जनाजे में शामिल होने की अनुमति दिए जाने के एक दिन बाद इल्तिजा का यह मामला सामने आया है.

अदालत का रुख करेंगी इल्तिजा मुफ्ती
सागर ने बताया कि उन्होंने अधिकारियों से अनुरोध किया था कि उन्हें कम से कम दो दिनों के लिए रिहा कर दिया जाए, लेकिन उनका अनुरोध मंजूर नहीं किया गया. पिता-पुत्र की यह जोड़ी उन 50 राजनेताओं में से हैं, जिन्हें केंद्र द्वारा पांच अगस्त 2019 को संविधान के अनुच्छेद-370 को रद्द करने और जम्मू-कश्मीर को दो केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित करने के बाद हिरासत में लिया गया था. इल्तिजा मुफ्ती ने कहा कि अगर अधिकारी उन्हें उनके आवास से बाहर जाने से रोकते हैं तो वह अदालत का रुख करेंगी.

प्रेस कॉन्फ्रेंस की अधिकारियों ने अनुमति नहीं दी
उन्होंने कहा कि उनके घर से बाहर जाने पर रोक लगाए जाने के बाद वह एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करना चाहती थीं, लेकिन अधिकारियों ने अनुमति नहीं दी. उन्होंने कहा कि मैं कोई विरोध प्रदर्शन नहीं कर रही, बल्कि अपने दादा की कब्र पर जाना चाहती हूं. एक तरफ तो सरकार मीडिया को बता रही है कि स्थिति अच्छी है और दूसरी तरफ वे इस तरह के प्रतिबंध लगा रहे हैं.