नई दिल्ली. पूर्व विदेश मंत्री और भारतीय जनता पार्टी की वरिष्ठ नेता सुषमा स्वराज को आंध्र प्रदेश का नया राज्यपाल बनाए जाने की खबर झूठी निकली. इस संबंध में सबसे पहली सूचना केंद्रीय मंत्री हर्षवर्धन के टि्वटर हैंडल से मीडिया में फैली. केंद्रीय मंत्री के ट्वीट से वरिष्ठ भाजपा नेत्री के बारे में ऐसी जानकारी आते ही सोशल मीडिया पर सुषमा स्वराज को राज्यपाल बनाने को लेकर कमेंट्स आने लगे. लेकिन ट्वीट के मीडिया में आने के कुछ ही देर बाद पता चला कि यह खबर गलत है. बाद में सुषमा स्वराज ने भी अपने ऑफिशियल टि्वटर हैंडल पर उनके बारे में फैलाई गई इस खबर को गलत बताया.

सुषमा स्वराज ने इस तरह की खबरों को ट्वीट कर खारिज कर दिया, वहीं हर्षवर्धन ने भी अपने ट्वीट को एक घंटे के भीतर हटा लिया. हर्षवर्धन ने पहले ट्वीट कर सुषमा स्वराज को आंध्र प्रदेश का राज्यपाल बनाए जाने पर बधाई दी थी. लेकिन बाद में उसे हटा दिया था. उनके ट्वीट के करीब एक घंटे बाद सुषमा स्वराज ने ट्वीट किया, ‘‘आंध्र प्रदेश के राज्यपाल के तौर पर मेरी नियुक्ति की खबरें सच नहीं हैं.’’ गृह मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने भी इन खबरों को खारिज कर दिया.

आपको बता दें कि सुषमा स्वराज को मोदी 2.0 की सरकार में मंत्रिमंडल में शामिल नहीं किया गया है. इससे पहले की सरकार में विदेश मंत्रालय जैसा महत्वपूर्ण महकमा संभालने वाली भाजपा की इस वरिष्ठ नेत्री को लेकर कयास लगाए जा रहे थे कि आने वाले दिनों में कोई न कोई प्रतिष्ठित पद सुषमा स्वराज को दिया जाएगा. इसी क्रम में जब उन्हें आंध्र प्रदेश का राज्यपाल बनाए जाने की खबर फैली, और वह भी उनकी ही पार्टी के नेता और केंद्रीय मंत्री के आधिकारिक टि्वटर हैंडल से, तो लोगों को हैरानी नहीं हुई. हालांकि अब जबकि यह खबर गलत साबित हो चुकी है, राजनीतिक गलियारों में कयासों के बाजार के एक बार और गर्म होने की संभावना है.

(इनपुट – एजेंसी)