नई दिल्ली: पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज नहीं रहीं. एम्स में उनका निधन हुआ. अचानक तबियत बिगड़ने के बाद उन्हें एम्स में भर्ती कराया गया था. तबियत बिगड़ने के कुछ समय बाद ही उनका निधन हो गया. अस्पताल के सूत्रों ने बताया कि सुषमा स्वराज को रात 10 बजकर 20 मिनट पर अस्पताल लाया गया और उन्हें सीधे आपातकालीन वॉर्ड में ले जाया गया. बताया जा रहा है कि सुषमा स्वराज का दिल का दौरा पड़ने से निधन हुआ.

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अचानक आई इस खबर से सभी स्तब्ध हैं. केंद्र सरकार, बीजेपी, कांग्रेस सहित कई नेताओं ने सुषमा के निधन पर दुःख व्यक्त किया है. केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और हर्षवर्धन भी एम्स में पहुंच गए हैं. साथ ही बीजेपी के कार्यकारी अध्यक्ष जेपी नड्डा, केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल, गजेंद्र सिंह शेखावत, अनुराग ठाकुर, प्रहलाद पटेल भी एम्स पहुंच गए हैं. केंद्रीय मंत्री रवि शंकर प्रसाद, मध्य प्रदेश के पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान, महेंद्र सिंह पांडेय, कांग्रेस नेता गुलाम नबी आज़ाद भी एम्स पहुंचे. सुषमा स्वराज के पार्थिव शरीर को एम्स से उनके आवास पर ले जाया गया.

सुषमा के निधन पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने दुःख जताया है. उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू, गृहमंत्री अमित शाह, केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह, कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने दुःख जताया. सुषमा स्वराज के निधन पर पीएम नरेंद्र मोदी ने एक के बाद पांच ट्वीट किए. पीएम मोदी ने कहा कि भारतीय राजनीती के एक गौरवशाली अध्याय का अंत हो गया है. देश ने अपने एक ऐसे नेता को खो दिया है, जिसने हमेशा जरूरमंदों की भलाई की सोची और अपनी ज़िंदगी लोगों की सेवा में लगा दी.

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पीएम ने कहा कि सुषमा जी करोड़ों लोगों की प्रेरणा का श्रोत थीं. वह एक बेहतरीन सांसद थीं. वह पूरी पार्टी में सम्मानित थीं. वह हमेशा पार्टी के लिए समर्पित रहीं. वह शानदार प्रशासक थीं. उन्होंने हर मंत्रालय को बेहद उच्च स्तरीय ढंग से संभाला. उन्होंने देश को बेहतर बनाने के लिए बेहतरीन भूमिका निभाई. पीएम मोदी ने कहा कि सुषमा जी का जाना बड़ी छति है. उन्हें उनके भारत के लिए किए गए कामों की खातिर याद रखा जाएगा. इस दुःख की घड़ी में मेरी संवेदना परिवार, उनके समर्थकों के साथ हैं.

सुषमा बीजेपी की वरिष्ठ और सबसे लोकप्रिय नेताओं में से एक थीं. वह अनूठी भाषण शैली की वजह से मशहूर थीं. खराब स्वास्थ्य के चलते सुषमा स्वराज ने 2019 का लोकसभा चुनाव नहीं लड़ा था. सुषमा स्वराज 2009 और 2014 में मध्यप्रदेश के विदिशा से चुनाव जीतकर सांसद बनी थीं. इसके साथ ही उन्होंने 2009 से 2014 तक लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष की भी भूमिका अदा की थी.

सुषमा का जन्म 14 फरवरी 1953 को हुआ था. वह सुप्रीम कोर्ट की पूर्व वकील भी थीं. पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के बाद सुषमा स्वराज दूसरी महिला थीं, जिन्होंने विदेश मंत्रालय संभाला था. मात्र 25 वर्ष की उम्र में 1977 में वह पहली बार केंद्रीय कैबिनेट में शामिल हुई थीं. वह दिल्ली की मुख्यमंत्री भी रही थीं.