नई दिल्‍ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पसंदीदा रहे भारतीय विदेश सेवा में अफसर रहे पूर्व विदेश सचिव एस जयशंकर अब टाटा ग्रुप ज्‍वाइन करने जा रहे हैं. जयशंकर जनवरी 2015 से 2018 तक भारत के विदेश सचिव रहे और एक साल के लिए विशेष जिम्‍मेदारी के तहत भारत में अमेरिका के राजदूत रहे. जयशंकर टाटा ग्रुप में ग्‍लोबल कॉरपोरेट अफेयर्स के प्रेसिडेंट होंगे. उम्‍मीद है कि जल्‍द ही उनकी नियुक्‍त‍ि की आधिकारिक घोषणा हो जाएगी.

टाटा ग्रुप के विदेशों फैले कारोबार के लिए बेहद मददगार साबित हो सकते हैं, क्‍योंकि ग्रुप के रेवन्‍यू का बड़ा हिस्‍सा विदेशों से आता है. ग्रुप को कई देशों की सरकारों से समझौते और अपने हितों के लिए लॉबिंग करनी होती है.

सुब्रमण्‍यम जयशंकर भारतीय विदेश सेवा के ऐसे दुर्लभ अफसरों में हैं, जिन्‍होंने अमेरिका, चीन समेत आसियान के बेहद महत्‍वपूर्ण कूटनीतिक असाइनमेंट पर काम किया. जयशंकर सोवियत संघ के विघटन के पूर्व मास्‍को में और श्रीलंका में भारतीय सेनाओं के शांति मिशन के दौरान तैनात रहे हैं. उनके अनभुव और अप्रोच ने भारतीय विदेश नीति को नया आकार देने में अहम भूमिका निभाई है.

वे भारत-अमेरिका के बीच इंडो न्‍यूक्‍लियर डील में बेहद करीबी से जुड़े रहे. पीएम मोदी ने उनके रिटायरमेंट से 72 घंटे पहले उन्‍हें विदेश सेक्रेटरी नियुक्‍त किया था. पीएम मोदी से पहले मनमोहन सिंह के कार्यकाल में भी जयशंकर उनके के पसंदीदा अफसर थे. खास बात है कि बेहद सख्‍त स्‍वभाव वाले जयशंकर कूटनीतिज्ञ होने के साथ ही गजब का सेंस ऑफ ह्यूमर रखते हैं. वह अपने पुराने दोस्‍तों को बेहद चाहने वाले हैं.

जयशंकर ने जेएनयू से पढ़ाई की है और उनकी दोस्‍ती सीपीईएम के नेता सीताराम येचुरी और कांग्रेस नेता डीपी त्रिपाठी के साथ चर्चित रही है. जयशंकर एक सम्‍मानित और ख्‍यात फैमिली से आते हैं. उनके पिता के सु्ब्रमण्‍यम चर्चित रणनीतिक चिंतक रहे है. उनकी मां डीयू से पीएचडी हैं. जयशंकर के एक भाई संजय सुब्रमण्‍यम इतिहासकार हैं और दूसरे भाई पूर्व ग्रामीण विकास सेक्रेटरी एस विजय कुमार हैं.

जयशंकर ने सेंट स्‍टीफन कॉलेज और एयरफोर्स स्‍कूल से पढ़ाई की है. जयशंकर ने 1977 में भारतीय विदेश सेवा ज्‍वाइन की थी.  उन्‍होंने मास्‍को में तीसरे और दूसरे सचिव (राजनीतिक) सोवयित संघ में 1979 से 1981 तक रहे. वह साउथ ब्‍लॉक में 2004 से 2007 तक ज्‍वाइंट सेक्रेटरी के तौर पर अमेरिका की डेस्‍क हेड भी रहे हैं.  (इनपुट एजेंसी)