पणजी: गोवा के पूर्व मुख्यमंत्री व बीजेपी के वरिष्ठ नेता लक्ष्मीकांत पारसेकर ने सोमवार को संकेत दिए कि अगर पार्टी ने उन्हें मंद्रेम विधानसभा सीट पर होने वाले आगामी उपचुनाव में टिकट नहीं दिया तो वह निर्दलीय को तौर पर मैदान में उतर सकते हैं. पिछले साल अक्टूबर में दयानंद सोपटे और सुभाष शिरोडकर के गोवा विधानसभा से इस्तीफा देने के बाद सत्तारूढ़ बीजेपी में शामिल होने से मंद्रेम और शिरोदा सीटों पर उपचुनाव होने हैं.

वहीं, भाजपा की गोवा इकाई के प्रमुख विनय तेंदुलकर ने बताया कि मंद्रेम एवं शिरोदा सीट पर पार्टी के उम्मीदवारों की चयन प्रक्रिया अभी शुरू नहीं हुई है.

पारसेकर ने बताया, ”मैं पारंपरिक रूप से इस निर्वाचन क्षेत्र से लड़ता रहा हूं. पार्टी कार्यकर्ता चाहते हैं कि मैं उपचुनाव लड़ूं. उनको लगता है कि अगर भाजपा मुझे टिकट नहीं देती तो मुझे निर्दलीय लड़ना चाहिए.”

पारसेकर ने कहा कि उन्होंने भाजपा प्रदेश महासचिव सतीश ढोंढ से मुलाकात की और उनसे मंद्रेम सीट पर पार्टी के जीतने की संभावना को जानने के लिए एक सर्वेक्षण कराने को कहा. सोपटे का नाम लिए बिना उन्होंने कहा कि पार्टी के स्थानीय कार्यकर्ताओं ने नए व्यक्ति को स्वीकार नहीं किया है. संयोग से उस वक्त कांग्रेस के साथ रहे सोपटे ने 2017 के विधानसभा चुनावों में पारसेकर को हराया था.