पणजी: गोवा कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष व राज्यसभा सदस्य शांताराम नाईक का शनिवार सुबह अचानक निधन हो गया. कांग्रेस नेता को अचानक हार्ट अटैक आया और उनकी मौत हो गई.  गोवा महिला कांग्रेस की प्रेसिडेंट प्रतिमा कोटिन्हो ने न्यूज एजेंसी को बताया कि 72 साल के सांसद नाईक का निधन हार्ट अटैक से हुुुअा. बेचैनी की शिकायत के बाद नाईक को मडगांव स्थित उनके आवास से एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया.  उन्होंने  सुबह सात बजे अंतिम सांस ली. Also Read - UP congress chief Raj Babbar resigns from his post ! | कांग्रेस में उठापटक, राज बब्बर ने यूपी अध्यक्ष पद से दिया इस्तीफा

नाईक 1984 के आम चुनाव में आठवीं लोकसभा के लिए चुने गए थे. उन्होंने गोवा को पूर्ण राज्य का दर्जा दिए जाने की भी मांग की थी, जो 1987 में पूरी हुई थी. नाईक ने राज्यसभा में गोवा का दो बार प्रतिनिधित्व किया था. वह 2005 से 2011 और 2011 से 2017 तक लगातार दो बार राज्य सभा के लिए निर्वाचित हुए थे. साल 2017 में हुए राज्यसभा चुनाव में भाजपा के विनय तेंदुलकर से वह हार गए थे. Also Read - Shantaram Naik resigned from the post of Goa Congress president | राहुल के भाषण से प्रभावित होकर इस राज्य के कांग्रेस अध्यक्ष ने छोड़ा पद

कांग्रेस नेता गिरीश राय चोदानकर ने कहा , ”यह हमारे लिए चौंकाने वाली खबर है. उनके रूप में हमने एक मार्गदर्शक को खो दिया है. उन्होंने बड़ी तादाद में युवाओं को परामर्श देकर उन्हें कांग्रेस में शामिल होने के लिए प्रेरित किया था. हमारे लिए यह बड़ी क्षति है.

नाइक गोवा प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष थे और उन्होंने हाल ही में राहुल गांधी के भाषण से प्रेरित होकर पद से इस्तीफा दे दिया था . राहुल ने युवाओं को आगे बढ़ाने की अपील की थी.

बता दें कि नाईक जुलाई 2017 में लुइजिन्हो फलेरियो की जगह पर गोवा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष बने थे, लेकिन इसी साल मार्च में उन्होंने पद से इस्तीफा दे दिया था. उनके परिवार में पत्नी बीना हैं और एक बेटा है.

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शांताराम नाईक का जन्म 12 अप्रैल 1984 को गोवा के साउथ डिस्ट्रिक्ट कनकोलिम में हुआ था. वह सांसद रहने के दौरान संसदीय समतियों के मेम्बर भी रहे. उन्होंने अपने राजनैतिक जीवन की शुरुआत छात्र जीवन से 1967 से ही शुरू कर दी थी और वह जगह-जगह कांग्रेस के पोस्टर्स लगाने का काम करते थे. नाईक पेशे एक वकील और एग्रीकलचरिस्ट रहे हैं. नाईक की सक्रिय राजनीति की शुरुआत 1972 से की और इसी साल उन्होंने कोर्ट में वकील के तौर पर भी शुरुआत की थी. (इनपुट- एजेंसी)