पणजी: नौकरशाह से सामाजिक कार्यकर्ता बने कन्नन गोपीनाथन (Kannan Gopinathan) ने कहा कि ‘‘RSS के कुछ लोगों’’ का भी मानना है कि संशोधित नागरिकता काननू खराब कानून है, लेकिन वे चुप हैं क्योंकि केंद्र की राजग सरकार उनकी अपनी सरकार है. पणजी में उन्होंने कहा कि नरेन्द्र मोदी सरकार ‘‘शराब पीए हुए किशोर’’ की तरह व्यवहार कर रही है, जिससे सवाल किए जाने की जरूरत है नहीं तो वह घरों को तबाह कर देगी. Also Read - RSS worker killed in Kerala: केरला में दो संगठनों की झड़प में आरएसएस कार्यकर्ता की मौत

कन्नन गोपीनाथन (Kannan Gopinathan) ने दावा किया, ‘‘मुझे उत्तर प्रदेश में दो बार हिरासत में लिया गया, पूरे दिन हिरासत में रखा गया क्योंकि वे (सरकार) नहीं चाहते कि कोई सवाल पूछे (सीएए पर). मैंने आरएसएस के कई लोगों से मुलाकात की, वे भी इसे समझते हैं… अगर आप इस बातचीत को देखें तो वे भी समझते हैं कि सरकार ने कुछ (गलत) किया है और उन्हें इसका समर्थन करने के लिए कहा गया है.’’ Also Read - Kerala: Alappuzha में SDPI वर्कर्स से झड़प में RSS कार्यकर्ता की हत्‍या, BJP और Hindu संगठनों ने बंद बुलाया

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उन्होंने कहा कि आरएसएस के लोगों का यही मानना है कि ‘‘इसका (सीएए) केवल समर्थन करो’’ क्योंकि वे वाद-विवाद नहीं चाहते क्योंकि ‘‘सरकार उनकी अपनी है.’’ गोपीनाथन ने कहा, ‘‘वह (सरकार) सामान्य बच्चा नहीं है बल्कि नशे में चूर किशोर है. उससे सवाल किए जाने चाहिए क्योंकि जब वह बर्बाद करना शुरू करेगी तो केवल किसी और का घर बर्बाद नहीं करेगी बल्कि आपके अपने घर को बर्बाद कर देगी.’’

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